संत गाडगे महराज वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाले समाज सुधारक थे – कमलेश चौधरी

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क 

रायबरेली: संत गाडगे महराज का 68वाँ परिनिर्वाण दिवस संत गाडगे चौक, रायबरेली में विभिन्न संगठनों द्वारा मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में संत गाडगे सेवक कमलेश चौधरी ने कहा कि संत गाडगे महराज एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाले समाज सुधारक थे। उन्होंने अपना जीवन दलितों और वंचितों की सेवा में समर्पित किया।


उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के प्रदेश संगठन मंत्री मुकेश रस्तोगी ने गाडगे महराज के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अज्ञानता, अंध विश्वास और अस्वच्छता के उन्मूलन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। पूर्व डीजीसी ओपी यादव ने भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की।

स्वर्णकार समाज के संरक्षक भौमेश स्वर्णकार ने संत गाडगे महराज के उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे मूर्तिपूजा के बजाय गरीबों और कमजोरों की सेवा को सर्वोपरि मानते थे। गोष्ठी में रामशरन चौधरी की अध्यक्षता और कैलाश कनौजिया के संचालन में संत गाडगे महराज के योगदान पर चर्चा की गई। इस अवसर पर राम किसुन निर्मल, रूपचन्द्र यादव, गौरीशंकर, राजेश कुरील, अमर सिंह चौधरी, रामलखन सागर, रोहित चौधरी, श्रीकांत दिवाकर, शास्त्री केदार सोनी, रोहित पटेल, गया प्रसाद, महराजदीन राजवंशी, रामनरेश चौधरी, विशाल चौधरी, कैलाश चन्द्र कनौजिया, आदित्य कनौजिया, धर्मेन्द्र चौधरी, शुभम कनौजिया, गोलू निर्मल, नीरज कनौजिया, आशीष वर्मा, और संतोष निर्मल ने संत गाडगे महराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।

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