दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव लखनऊ: RSS प्रमुख मोहन भागवत और CM योगी ने दीप जलाकर किया शुभारंभ

“दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव लखनऊ में RSS प्रमुख मोहन भागवत और सीएम योगी ने दीप जलाकर शुरुआत की। ऋषि कुमारों ने शांति पाठ किया, हजारों श्रद्धालु जुटे।”

दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव लखनऊ: मोहन भागवत और CM योगी ने दीप जलाकर किया शुभारंभ, ऋषि कुमारों के शांति पाठ से गूंजा वातावरण

लखनऊ। दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव लखनऊ का भव्य आयोजन शनिवार को जनेश्वर मिश्र पार्क, गोमतीनगर में शुरू हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, और अन्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति में उत्सव का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम दोपहर 12:45 बजे दीप जलाने के साथ प्रारंभ हुआ, जिसके तुरंत बाद ऋषि कुमारों ने शांति पाठ किया। शंखनाद और ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन ने पूरे पंडाल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

हजारों श्रद्धालु पहुंचे, मंच से गूंजे भजन

श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार द्वारा पार्क के गेट नंबर-6 पर विशाल पंडाल बनाया गया है। मंच, सांस्कृतिक प्रस्तुति स्थल, और आध्यात्मिक साज-सज्जा के बीच हजारों श्रद्धालु उत्साह के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
मंच से भजन गायक ने “…जाने क्या जादू भरा हुआ भगवान तुम्हारी गीता में…” भजन प्रस्तुत किया, जिस पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों से भरपूर उत्साह दिखाया।

मोहन भागवत को भेंट की गई गीता की प्रति

उत्सव की शुरुआत के कुछ ही समय बाद गीता परिवार के प्रमुखों ने डॉ. मोहन भागवत को गीता की प्रतिकृति भेंट की। मंच पर उनके साथ मुख्यमंत्री योगी और स्वामी ज्ञानानंद महाराज मौजूद रहे।

‘गीता जीवन का विज्ञान है’ — वक्ता

वक्ताओं ने कहा :-
“गीता किसी एक धर्म या समुदाय का नहीं, बल्कि सार्वभौमिक ज्ञान का स्रोत है। यह जीवन का विज्ञान है, जो बच्चों को संस्कारित करता है, युवाओं में ऊर्जा भरता है और परिवार व समाज में प्रेम व समरसता लाता है।”

उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गीता का संदेश मानसिक शांति, संतुलन और आत्मबल का मार्ग दिखाता है।

यातायात पुलिस ने लागू किए डायवर्जन

चूंकि जनेश्वर मिश्र पार्क में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए, इसलिए यातायात पुलिस ने सुबह से ही कई मार्गों पर अस्थायी डायवर्जन लागू किया, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।

2026 गीता जयंती की तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव

गीता परिवार ने बताया कि 23 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली गीता जयंती के लिए यह उत्सव एक प्रेरणादायी पड़ाव है। ‘जीओ गीता’ अभियान भारत और विदेशों में तेजी से फैल रहा है और बड़े पैमाने पर कार्यक्रम, सत्संग, यात्राएं और प्रेरणादायी गतिविधियां योजनाबद्ध की जा रही हैं।

आध्यात्मिक कार्यक्रमों की झलक, ऋषि कुमारों का शांति पाठ,प्रमुख संतों के प्रेरक प्रवचन,गीता पाठ,सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ,आध्यात्मिक संवाद,भीड़ और उत्साह के साथ यह आयोजन लगातार आगे बढ़ रहा है।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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