यूनेस्को दिवाली अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल, भारत में खुशी की लहर

“यूनेस्को ने दिवाली को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया। भारत का प्रमुख त्योहार अब विश्व सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल, देशभर में उत्सव का माहौल।”

यूनेस्को दिवाली अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर: भारत के सबसे बड़े त्योहार को मिला वैश्विक सम्मान

नई दिल्ली।  भारत के प्रमुख त्योहार दिवाली को यूनेस्को ने आधिकारिक रूप से अपनी अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल कर लिया है।
यह फैसला यूनेस्को की इंटरनेशनल कमेटी की बैठक में लिया गया, जो इस समय भारत की मेजबानी में दिल्ली के लाल किला परिसर में 8 से 13 दिसंबर तक आयोजित हो रही है।

दिवाली को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल किए जाने से भारत की सांस्कृतिक पहचान को एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है। यह निर्णय भारत की विविध, गहरी और प्राचीन परंपराओं को वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्रदान करता है।

भारत की सांस्कृतिक विरासत दुनिया में चमकी

दिवाली से पहले भारत की कई परंपराएं पहले ही यूनेस्को की सूची में शामिल हो चुकी हैं—
• कुंभ मेला
• गरबा
• दुर्गा पूजा
• योग

दिवाली के जुड़ने के बाद अब भारत की सांस्कृतिक ताकत और समृद्धि को दुनिया और गहराई से पहचान रही है।

दिल्ली में आज फिर से मनेगी दिवाली!

यूनेस्को के इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद बुधवार को दिल्ली में आज फिर दिवाली मनाई जाएगी।

✔ सभी ऐतिहासिक इमारतें रोशन होंगी
✔ लाल किला परिसर में विशेष कार्यक्रम
✔ स्मारकों पर दीयों की सजावट
✔ सीमित सांकेतिक आतिशबाज़ी
✔ विदेश से आए प्रतिनिधियों के लिए सांस्कृतिक शो

यूनेस्को इंटरगवर्नमेंटल कमेटी की बैठक खुद दिल्ली के लाल किला में चल रही है, इसलिए राजधानी में उत्सव का माहौल और भी भव्य होने जा रहा है।

भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत बनाता निर्णय

दिवाली को धरोहर घोषित करना:
• विश्व स्तर पर भारतीय सभ्यता की स्वीकृति
• सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा
• भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों को अंतरराष्ट्रीय पहचान
• वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का संकेत

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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