“जर्जर स्कूल भवन हाईकोर्ट सख्ती लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जर्जर भवन में संचालित स्कूल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डीआईओएस और नगर निगम से एफिडेविट तलब किया गया है।”
हाइलाइट्स:
- जर्जर स्कूल भवन को लेकर हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी
- बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा पर जताई चिंता
- डीआईओएस लखनऊ और नगर निगम को देना होगा हलफनामा
- स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल को जारी हुआ नोटिस
- फरवरी 2026 में होगी अगली सुनवाई
लखनऊ। जर्जर स्कूल भवन हाईकोर्ट सख्ती लखनऊ मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्कूल का भवन जर्जर स्थिति में है, तो वहां पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।

यह टिप्पणी हुसैनगंज स्थित चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज से जुड़ी जनहित याचिका संख्या 1295/2025 की सुनवाई के दौरान की गई। याचिका विजय कुमार पांडेय द्वारा दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश तिवारी और राघव चौबे ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजन रॉय एवं न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या 13 कॉलेज मैनेजर और प्रतिवादी संख्या 14 कॉलेज प्रिंसिपल को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि नगर निगम लखनऊ द्वारा जर्जर भवन को लेकर पूर्व में जारी नोटिस के बावजूद अब तक सुधारात्मक कदम क्यों नहीं उठाए गए।
हाईकोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), लखनऊ राकेश कुमार पांडे को निर्देश दिया है कि वे हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करें कि भवन यदि जर्जर पाया जाता है, तो उनके स्तर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही नगर निगम, लखनऊ को भी याचिका के संबंध में अपना एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि याचिका लंबित रहने के दौरान यदि भवन या उसके किसी हिस्से को लेकर तत्काल कोई आवश्यक कार्रवाई जरूरी हो, तो संबंधित प्राधिकरण स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि, यह कार्रवाई कॉलेज प्रबंधन और प्रिंसिपल के अधिकारों को प्रभावित किए बिना की जाएगी।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई फरवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में निर्धारित की है और इसे फ्रेश के रूप में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।






