10 किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों का प्रदर्शन, US ट्रेड डील और न्यू लेबर कोड के खिलाफ विरोध

“भारत बंद 12 फरवरी 2026 को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और 10 किसान संगठनों के साथ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने US-भारत ट्रेड डील, न्यू लेबर कोड, बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 और VB-G RAM G एक्ट के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया।’

हाइलाइट्स:

  • 10 किसान संगठन और ट्रेड यूनियनों का भारत बंद
  • US-भारत ट्रेड डील और न्यू लेबर कोड के खिलाफ विरोध
  • बिजली विधेयक 2025 और बीज विधेयक 2025 पर आपत्ति
  • MSP की कानूनी गारंटी और OPS बहाली की मांग
  • राहुल गांधी और AAP ने किया समर्थन

नई दिल्ली।भारत बंद 12 फरवरी 2026 के तहत संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), 10 किसान संगठनों और देश की कई केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आज देशव्यापी हड़ताल और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। यह बंद भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील, न्यू लेबर कोड, बिजली विधेयक-2025, बीज विधेयक-2025 और VB-G RAM G एक्ट-2025 के विरोध में आयोजित किया जा रहा है।

एसकेएम ने बयान जारी कर कहा कि यह आंदोलन किसानों, मजदूरों और ग्रामीण गरीबों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है।

तीन प्रमुख मुद्दे जिन पर विरोध

1- US-भारत ट्रेड डील

किसान संगठनों का आरोप है कि हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र के लिए नुकसानदायक है। उनका दावा है कि सस्ते आयात से घरेलू बाजार प्रभावित होगा और MSP प्रणाली कमजोर पड़ेगी।

2- न्यू लेबर कोड (चार श्रम संहिताएं)

ट्रेड यूनियनों का कहना है कि नए लेबर कोड श्रमिकों की नौकरी सुरक्षा और अधिकारों को कमजोर करते हैं। न्यूनतम मजदूरी, ठेका प्रणाली और सामाजिक सुरक्षा को लेकर असंतोष जताया गया है।

3- बिजली विधेयक, बीज विधेयक और VB-G RAM G एक्ट

  • बिजली विधेयक-2025 से स्मार्ट मीटर और दरों में बढ़ोतरी का आरोप।
  • बीज विधेयक-2025 से MNC कंपनियों को बढ़ावा मिलने की आशंका।
  • VB-G RAM G एक्ट को मनरेगा का विकल्प बताया जा रहा है, जिसे किसान संगठन ग्रामीण रोजगार के अधिकार पर हमला मान रहे हैं।

राहुल गांधी और AAP का समर्थन

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बंद का समर्थन करते हुए कहा कि मजदूरों और किसानों की आवाज को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने MSP, मनरेगा और श्रम संहिताओं पर सवाल उठाए।

वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी बंद को समर्थन देते हुए कहा कि उसके कार्यकर्ता किसानों और मजदूरों के साथ खड़े रहेंगे।

MSP और OPS की मांग

किसान संगठनों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • सभी फसलों पर C2+50% फार्मूले के आधार पर MSP की कानूनी गारंटी
  • पूर्ण कर्ज माफी
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
  • सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करना

एसकेएम ने 2020-21 के किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने तब किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं किए हैं।

विरोध का स्वरूप

कुछ स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के पुतले जलाने की अपील भी की गई है। संगठनों का कहना है कि यह “कॉर्पोरेट-प्रेरित नीतियों” के खिलाफ मजदूर-किसान एकता का प्रदर्शन है।

देश के कई राज्यों में बंद का असर देखने को मिल सकता है, हालांकि आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखने की बात कही गई है।

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