‘राहुल गांधी को बड़े होने की जरूरत’ एपस्टीन फाइल्स विवाद में हरदीप पुरी का राहुल गांधी पर पलटवार

संसद में एपस्टीन फाइल्स को लेकर उठे मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें “बड़े होने की जरूरत” है। इंटरव्यू में पुरी ने आरोपों को खारिज किया और विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए। “जानिए पूरा मामला…

नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ का मुद्दा उठाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया है। पुरी ने कहा कि विपक्ष के नेता को “बड़ा होने की जरूरत” है और तथ्यों को समझे बिना आरोप नहीं लगाने चाहिए।

एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान हरदीप पूरी कहा कि उनका नाम लाखों दस्तावेजों में से कुछ ईमेल में आया था, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, “मैं पहले ही स्पष्ट कर चुका हूं कि जिन दस्तावेजों में मेरा नाम है, वे सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं। अगर राहुल गांधी ने संबंधित नोट पढ़ा होता, तो वे संसद में खुद को असहज स्थिति में नहीं डालते।”

‘यह एपस्टीन नहीं, मैच्योरिटी का मुद्दा’

मंत्री पुरी ने कहा कि यह मामला एपस्टीन से ज्यादा राजनीतिक परिपक्वता का है। उनके अनुसार, “यह कहानी मैच्योरिटी की कमी को दर्शाती है। विपक्ष के नेता को इशारों और संकेतों की राजनीति से आगे बढ़ना चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पूरे तथ्यों को जाने मुद्दा उठाना संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

क्या है मामला?

संसद में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अमेरिकी सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी तथाकथित फाइल्स का संदर्भ दिया था, जिसमें कुछ भारतीय हस्तियों के नाम आने की बात कही गई थी। इसी संदर्भ में हरदीप सिंह पुरी का नाम भी चर्चा में आया था।

हालांकि, पुरी ने पहले भी स्पष्ट किया था कि उनका नाम केवल औपचारिक ईमेल संवाद में आया था और इसका किसी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस बयान के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस की ओर से इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि भाजपा नेताओं ने पुरी के समर्थन में बयान दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद सत्र के दौरान ऐसे मुद्दों पर बयानबाजी आने वाले दिनों में और तीखी हो सकती है।

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