“यूपी में कारोबार की राह आसान बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बजट में औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी व MSME स्थापना हेतु 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए। लखनऊ, नोएडा, कानपुर समेत प्रदेश भर में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा।”
हाइलाइट्स:
- यूपी में कारोबार की राह आसान करने को 1000 करोड़ रुपये
- औद्योगिक विकास के लिए 27,103.49 करोड़ का प्रावधान
- नगर विकास हेतु 34,219 करोड़ रुपये आवंटित
- 4,675 अनुपालन कम, 577 अपराधमुक्त
- निवेश मित्र 3.0 और एआई आधारित स्मार्ट गवर्नेंस मॉडल की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास, शहरी बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी सुधार को प्राथमिकता देते हुए हजारों करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
औद्योगिक और नगर विकास पर बड़ा फोकस
बजट में औद्योगिक विकास के लिए 27,103.49 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि नगर विकास एवं आवास एवं शहरी विकास विभाग के लिए 34,219 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
राज्य में नए एमएसएमई औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, सुरक्षित कारोबारी माहौल और औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
‘निवेश मित्र 3.0’ से स्मार्ट गवर्नेंस की तैयारी
राज्य सरकार ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया है। अब ‘निवेश मित्र 3.0’ को विकसित करने की तैयारी है, जिसमें एआई आधारित डैशबोर्ड, रियल-टाइम ट्रैकिंग, स्वचालित सूचनाएं और राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से एकीकृत व्यवस्था शामिल होगी।
सरकार ने जटिल अनुपालन प्रणाली में बड़ा सुधार करते हुए 65 विभागों में 4,675 अनुपालन कम किए हैं। इनमें से 4,098 अनुपालनों का डिजिटलीकरण और सरलीकरण किया गया है, जबकि 577 अनुपालनों को अपराधमुक्त (डीक्रिमिनलाइज) किया गया है। कई पुराने अधिनियम, नियम और विनियम भी निरस्त किए गए हैं।
ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त की गई है। 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण की आवश्यकता हटाई गई है। श्रम, अग्निशमन, पर्यावरण और जल प्रदूषण जैसे मामलों में सजा के प्रावधानों को हटाकर उन्हें अर्थदंड में परिवर्तित किया गया है, जिससे उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है।
बेहतर कनेक्टिविटी पर 34,468 करोड़ का प्रस्ताव
कारोबार को गति देने के लिए बेहतर सड़क और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया गया है। सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, बाईपास, रिंग रोड, फ्लाईओवर और औद्योगिक लॉजिस्टिक मार्गों के विकास के लिए अलग से प्रावधान किए गए हैं। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के निर्माण से प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच माल परिवहन तेज और सुरक्षित होगा।
एक्सप्रेसवे और हवाई कनेक्टिविटी में विस्तार
राज्य में वर्तमान में सात एक्सप्रेसवे संचालित हैं, जबकि तीन का निर्माण कार्य प्रगति पर है और 12 नए एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हैं।
वहीं, चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों सहित 16 हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) जल्द शुरू होने वाला है, जो निर्यातकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य सरकार का दावा है कि इन पहलों से उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा, एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में तेजी से उभरेगा।
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