रक्षा क्षेत्र में बड़ी डील: स्वदेशी हथियारों के एकीकरण के साथ आएंगे नए राफेल जेट

भारत ने अपनी हवाई ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा अधिग्रहण परिषद ने Dassault Rafale के लिए SCALP मिसाइलों और S-400 Triumph के लिए अतिरिक्त मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी है। 114 राफेल जेट भारत में बनेंगे और 2028 से डिलीवरी शुरू होगी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

हाइलाइट्स:

  • DAC ने राफेल SCALP और S-400 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी
  • 114 राफेल जेट भारत में बनेंगे, 2028 से डिलीवरी
  • गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील, कोई बिचौलिया नहीं
  • नए सौदे में भारतीय हथियारों के एकीकरण की पूरी अनुमति
  • ऑपरेशन सिंदूर में SCALP ने निभाई थी अहम भूमिका

नई दिल्ली । भारत की हवाई और मिसाइल रक्षा क्षमता को और मजबूत करने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने बड़ा फैसला लिया है। परिषद ने Dassault Rafale फाइटर जेट के लिए लंबी दूरी की SCALP एयर-लॉन्च मिसाइलों और S-400 Triumf एयर डिफेंस सिस्टम के लिए अतिरिक्त मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी है।

यह मंजूरी 114 नए राफेल जेट की प्रस्तावित खरीद के बाद आई है, जिन्हें भारत में ही निर्मित किया जाएगा।

114 राफेल जेट, 2028 से डिलीवरी

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के अनुसार, 114 राफेल जेट की खरीद गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) डील के तहत होगी। इसमें कोई बिचौलिया शामिल नहीं होगा और पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।

पहली बार फ्रेंच फाइटर जेट फ्रांस के बाहर भारत में बनाए जाएंगे। डिलीवरी 2028 से शुरू होने की संभावना है, जिसमें पहले नेवल वेरिएंट और बाद में भारतीय वायुसेना (IAF) वेरिएंट शामिल होंगे।

स्वदेशी हथियारों के एकीकरण की पूरी छूट

रक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि इस नए सौदे में भारत को एयरक्राफ्ट में भारतीय हथियारों और सिस्टम को इंटीग्रेट करने का पूरा अधिकार मिलेगा।

पहले 36 राफेल और 26 मरीन राफेल की डील में फ्रेंच सरकार ने रडार और वेपन सिस्टम के लिए आवश्यक सोर्स कोड साझा नहीं किया था, जिससे स्वदेशी मिसाइलों के स्वतंत्र एकीकरण में सीमाएं थीं।

नई डील में इस बाधा के समाप्त होने की संभावना जताई गई है।

ऑपरेशन सिंदूर में SCALP की भूमिका

करीब 250 किमी की रेंज वाली SCALP मिसाइलें गहराई तक सटीक हमला करने में सक्षम हैं। इन मिसाइलों का उपयोग ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने में किया गया था।

टर्मिनल फेज में इन मिसाइलों में इनर्शियल नेविगेशन, GPS, टेरेन-रेफरेंस नेविगेशन और इंफ्रारेड इमेजिंग सीकर जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं।

S-400 से मजबूत हुई एयर शील्ड

रूसी मूल का S-400 सिस्टम भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है। इसने हाल के वर्षों में क्रूज मिसाइल हमलों को विफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अतिरिक्त मिसाइलों की खरीद से इसकी परिचालन क्षमता और बढ़ेगी।

भारत में इंजन असेंबली की तैयारी

फ्रांस की इंजन निर्माता कंपनी Safran के सीईओ ओलिवियर एंड्रीज ने संकेत दिया है कि कंपनी भारत में इंजन असेंबली लाइन स्थापित करने को तैयार है। यह पहल भारत की एयरोस्पेस इंडस्ट्री को बढ़ावा दे सकती है और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगी।

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