“पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार ने पेट्रोकेमिकल्स पर सीमा शुल्क में छूट दी है। डीजल और ATF निर्यात पर टैक्स लगाया गया, लेकिन रिलायंस SEZ रिफाइनरी को इससे बाहर रखा गया। जानें पूरी खबर।“
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा आर्थिक फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क में छूट देने के साथ-साथ डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर अप्रत्याशित कर (विंडफॉल टैक्स) को फिर से लागू कर दिया है।
हालांकि, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में संचालित रिफाइनरियों को इस टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। इससे देश की प्रमुख निर्यातक कंपनी Reliance Industries Limited को बड़ी राहत मिली है।
सरकार के फैसले के अनुसार, 26 मार्च से डीजल पर ₹21.50 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.50 प्रति लीटर निर्यात शुल्क लागू किया गया है, जबकि पेट्रोल को इससे बाहर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और घरेलू आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए उठाया गया है।
वहीं, घरेलू उद्योगों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने चुनिंदा पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून 2026 तक पूर्ण सीमा शुल्क माफ कर दिया है। इससे प्लास्टिक, दवा, वस्त्र और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते खासतौर पर Strait of Hormuz क्षेत्र पर दबाव बढ़ा है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग माना जाता है। भारत के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अस्थिरता का असर भारत के कई निर्यात क्षेत्रों पर पड़ रहा है। शिपिंग लागत बढ़ने, देरी और सप्लाई चेन में बाधाओं से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने एक अंतर-मंत्रालयी समन्वय तंत्र सक्रिय किया है, जो रोजाना हालात की समीक्षा कर रहा है। साथ ही निर्यातकों को राहत देने और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन और एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है और आम जनता को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। कालाबाजारी और जमाखोरी पर भी सख्त कार्रवाई जारी है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”







