“राहुल गांधी असम रैली: राहुल गांधी ने असम में रैली के दौरान हिमंत बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कांग्रेस की तुलना जुबिन गर्ग से की।“
असम। असम में चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। रविवार को विश्वनाथ जिले में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा प्रसिद्ध असमिया गायक जुबिन गर्ग जैसी है, जिन्होंने अपना जीवन लोगों को जोड़ने में लगाया।
‘नफरत के खिलाफ प्यार फैलाना कांग्रेस की पहचान’
राहुल गांधी ने कहा,
“जुबिन गर्ग ने कभी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया और हमेशा असम के लोगों को एकजुट किया। कांग्रेस पार्टी भी उसी सोच पर चलती है—नफरत के खिलाफ प्यार फैलाने की।”
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार समाज में विभाजन की राजनीति कर रही है।
सीएम सरमा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को देश का “सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” बताते हुए कहा कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा,
“उन्हें कुछ दिन और बोलने दीजिए, इसके बाद कांग्रेस की सरकार बनेगी और कानून अपना काम करेगा, चाहे माफी ही क्यों न मांगनी पड़े।”
केंद्र सरकार और उद्योगपतियों पर भी निशाना
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में असम के संसाधनों को कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि
“दिल्ली में बैठे लोग असम को अपना एटीएम समझ रहे हैं।”
घोषणापत्र के वादों का किया जिक्र
राहुल गांधी ने कांग्रेस के घोषणापत्र की प्रमुख घोषणाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी सत्ता में आने पर छह समुदायों को अनुसूचित जाति/जनजाति का दर्जा देगी।
इसके अलावा चाय बागान मजदूरों के लिए 450 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने का वादा भी दोहराया।
महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े वादे
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर:
- हर महिला को बिना शर्त मासिक कैश ट्रांसफर दिया जाएगा
- छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए युवाओं को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी
राजनीतिक संदेश साफ
राहुल गांधी का यह भाषण साफ तौर पर असम में कांग्रेस की चुनावी रणनीति को दर्शाता है, जिसमें एक ओर भाजपा पर भ्रष्टाचार और विभाजनकारी राजनीति के आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक एकता और आर्थिक सहायता के वादों के जरिए मतदाताओं को साधने का प्रयास है।
असम में चुनावी सरगर्मी के बीच कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आने वाले दिनों में यह सियासी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।
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