यूपी विकास बजट में बड़ी चूक: 2.59 लाख करोड़ में से 32% खर्च ही नहीं हुआ

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बीज से बाजार तक स्पष्ट नीति का खाका; MSP, तकनीक और ‘लैब इन लैंड’ मॉडल पर जोर

उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विकास कार्यों पर आवंटित 2.59 लाख करोड़ बजट में से केवल 67.45% खर्च हो पाया। जानें किन विभागों ने खर्च नहीं किया और सरकार की क्या है नई रणनीति।

लखनऊ। राजधानी Lucknow में आयोजित उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने किसानों के लिए सरकार की व्यापक नीति और भविष्य का विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि किसानों को उद्यमी के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन अर्थव्यवस्था का आधार कृषि, कारीगर और उद्यमिता का समन्वय था। किसान खेती के साथ-साथ कारीगरी और व्यापार से भी जुड़ा रहता था। इसी परंपरा को पुनर्जीवित करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बीज से लेकर बाजार तक की पूरी व्यवस्था को मजबूत कर रही है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए वैल्यू एडिशन और मार्केट लिंकिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के माध्यम से किसानों को लागत का डेढ़ गुना से अधिक मूल्य दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खेती में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए ‘लैब इन लैंड’ का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अब खेत ही प्रयोगशाला बनेंगे, जहां नई तकनीकों का सीधा उपयोग होगा। इससे उत्पादन बढ़ेगा और खेती को लाभप्रद व्यवसाय में बदला जा सकेगा।

उन्होंने किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। प्रदेश में सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली दी जा रही है और लाखों ट्यूबवेल्स के बिजली बिल माफ किए गए हैं। साथ ही, सोलर पैनल से जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश की कुल कृषि योग्य भूमि का लगभग 11 प्रतिशत हिस्सा रखता है, लेकिन 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है। यह प्रदेश के किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम है।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और कृषि को विकास की मुख्य धारा में लाना है। “अन्नदाता की समृद्धि ही प्रदेश और देश की प्रगति का आधार है।

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