“लखनऊ के गुरुकुल में 11 वर्षीय दिव्यांश की मौत के मामले में आरोपी सौरभ मिश्रा की दबंगई सामने आई। पुलिस ने हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज किया।“
लखनऊ/कानपुर। लखनऊ के एक गुरुकुल में 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश की कथित प्रताड़ना से मौत के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस सनसनीखेज घटना में गुरुकुल संचालक सौरभ मिश्रा और उसकी सहयोगी हर्षिता सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस बीच आरोपी सौरभ का एक बयान सामने आया है, जिसमें उसने खुलेआम दबंगई दिखाते हुए 10 दिन में जमानत मिलने का दावा किया है।
कैमरे पर दिखाई दबंगई
मीडिया से बातचीत में आरोपी सौरभ मिश्रा ने कहा कि उसके गुरुकुल में बड़े-बड़े नेता और मंत्री आते हैं और उसे जल्द ही जमानत मिल जाएगी। उसने यह भी दावा किया कि जरूरत पड़ने पर उसके समर्थन में बड़ी संख्या में गुरुकुल संचालक खड़े हो जाएंगे।
कैसे हुई दर्दनाक मौत
जानकारी के अनुसार, कानपुर निवासी 11 वर्षीय दिव्यांश को 15 अप्रैल को मुफ्त वैदिक शिक्षा के लिए लखनऊ के गुरुकुल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि कुछ ही दिनों में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे एक बंद, गर्म कमरे में रखा गया। अत्यधिक गर्मी और पिटाई के कारण उसकी हालत बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
शरीर पर मिले 42 चोटों के निशान
पोस्टमार्टम में बच्चे के शरीर पर 42 चोटों के निशान मिले हैं। इसके अलावा सिगरेट से जलाने के भी निशान पाए गए, जिससे गंभीर यातना की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे को बेरहमी से प्रताड़ित किया गया।
धमकी देने का भी आरोप
गुरुकुल के अन्य बच्चों ने भी आरोप लगाया है कि सौरभ मिश्रा ने उन्हें धमकाया था कि अगर किसी को कुछ बताया तो उनकी किडनी निकालकर बेच दी जाएगी। इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
एफआईआर दर्ज, जांच तेज
पुलिस ने सौरभ मिश्रा और हर्षिता सोनी के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अभिषेक पांडेय के अनुसार, दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।
अस्पताल में भर्ती कराने में भी लापरवाही
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले बच्चे को लखनऊ के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन मना कर दिया गया। बाद में कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल ले जाया गया, जहां भी भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद आरोपी शव को बच्चे के घर के पास छोड़कर फरार हो गए।
गांव में तनाव, प्रशासन सतर्क
दिव्यांश की मौत के बाद गांव में तनाव का माहौल है। परिजनों ने पहले अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग की थी। बाद में प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और अंतिम संस्कार किया गया।
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