‘ऐतिहासिक मील का पत्थर’: कल्पक्कम फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की क्रिटिकलिटी, PM मोदी ने दी बधाई

नरेंद्र मोदी बोले—स्वदेशी तकनीक से बना रिएक्टर भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा में बड़ा कदम; ‘विकसित भारत’ को मिलेगी नई ऊर्जा

Kalpakkam Fast Breeder Reactor Criticality: तमिलनाडु के कलपक्कम में PFBR ने पहली बार क्रिटिकलिटी हासिल की। PM मोदी ने इसे भारत के परमाणु कार्यक्रम की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

नई दिल्ली। भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। तमिलनाडु के कल्पक्कम स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने “क्रिटिकलिटी” हासिल कर ली है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश की परमाणु यात्रा का “ऐतिहासिक मील का पत्थर” बताया।

क्या होती है ‘क्रिटिकलिटी’?

क्रिटिकलिटी वह अवस्था होती है जब परमाणु रिएक्टर में पहली बार स्वयं-निर्भर (self-sustaining) परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया शुरू हो जाती है। यानी रिएक्टर अब संचालन (ऑपरेशन) के चरण में प्रवेश कर जाता है।

पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बना रिएक्टर

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह रिएक्टर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है, जो भारत की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
उन्होंने वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान देश के विकास और आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

500 मेगावाट का प्रोटोटाइप रिएक्टर

यह 500 मेगावाट का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) भारत के दीर्घकालिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का अहम हिस्सा है।
इसने 6 अप्रैल 2026 को पहली बार सफलतापूर्वक नियंत्रित फिशन चेन रिएक्शन शुरू की, जिसे “फर्स्ट क्रिटिकलिटी” कहा जाता है।

क्यों खास है फास्ट ब्रीडर रिएक्टर?

फास्ट ब्रीडर रिएक्टर पारंपरिक रिएक्टरों से अलग होते हैं।

  • इसमें यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड (MOX) ईंधन का उपयोग होता है
  • यह इस्तेमाल किए गए ईंधन से अधिक ईंधन “उत्पन्न” कर सकता है
  • भविष्य में थोरियम-232 को यूरेनियम-233 में बदलकर उपयोग करने की क्षमता रखता है

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बल

यह रिएक्टर भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम का अहम हिस्सा है, जिसका लक्ष्य दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विशेष रूप से थोरियम आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि ‘विकसित भारत’ के संकल्प को नई गति देगी और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।

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