“UP BJP Mission 2027: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। पंकज चौधरी की नई टीम, छह नए मंत्री, क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरण पर भाजपा का फोकस। जानिए मिशन 2027 की पूरी रणनीति।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। Bharatiya Janata Party ने योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम मुहर लगाने के साथ अब प्रदेश संगठन में भी बड़े बदलाव की तैयारी तेज कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक रविवार को Yogi Adityanath सरकार में छह नए मंत्री शामिल किए जाएंगे। इसके तुरंत बाद पार्टी प्रदेश और क्षेत्रीय संगठन में व्यापक फेरबदल करेगी।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम पर भी जल्द फैसला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary की नई 45 सदस्यीय टीम को लेकर भी जल्द निर्णय होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि संगठन की सूची पर दिल्ली स्तर से लगभग अंतिम सहमति मिल चुकी है।
नई टीम में महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री और अन्य पदाधिकारियों के कई नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। साथ ही प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में नए क्षेत्रीय अध्यक्ष भी नियुक्त किए जाने हैं।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास फोकस
भाजपा इस बार मंत्रिमंडल और संगठन दोनों में जातीय तथा क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी की कोशिश है कि सभी छह क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिले, ताकि चुनावी समीकरण मजबूत किए जा सकें।
सूत्रों का कहना है कि ब्राह्मण समाज में हाल के समय में उभरे असंतोष को दूर करने के लिए इस वर्ग से भी नए चेहरों को मंत्रिमंडल और संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
इसके साथ ही भाजपा समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण की काट तैयार करने में जुटी है। पार्टी ओबीसी, दलित और महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक आधार मजबूत करना चाहती है।
संगठन में महिलाओं को मिलेगा बड़ा प्रतिनिधित्व
भाजपा संगठन में इस बार महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नई संगठनात्मक टीम में एक-तिहाई पद महिलाओं को दिए जा सकते हैं।
चुनावी दृष्टि से यह कदम महिला मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
लखनऊ और दिल्ली में कई दौर की बैठकें
मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक बदलाव को लेकर पिछले कई दिनों से लखनऊ और दिल्ली में लगातार बैठकों का दौर चल रहा था। वरिष्ठ नेताओं के बीच कई नामों को लेकर मंथन हुआ।
बताया जा रहा है कि टिकट और संगठनात्मक पदों को लेकर कई दावेदार सक्रिय हैं और अपने समर्थकों को जगह दिलाने के लिए लॉबिंग भी तेज रही। यही वजह रही कि प्रदेश और क्षेत्रीय संगठन की घोषणा में देरी हुई।
काशी क्षेत्र से शुरू होगी नई नियुक्तियां
भाजपा सूत्रों के अनुसार सबसे पहले काशी क्षेत्र के अध्यक्ष के नाम पर अंतिम फैसला होगा। इसके बाद बाकी पांच क्षेत्रों के अध्यक्षों के नाम घोषित किए जाएंगे।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नई टीम ही मिशन 2027 के लिए बूथ प्रबंधन, चुनावी रणनीति और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का जिम्मा संभालेगी।
चुनावी मोड में भाजपा
उत्तर प्रदेश में चुनाव में अब लगभग आठ महीने का समय बचा है। ऐसे में भाजपा सरकार और संगठन दोनों स्तर पर नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक बदलाव को भाजपा के चुनावी रोडमैप का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए पार्टी सामाजिक समीकरण मजबूत करने के साथ कार्यकर्ताओं में नया संदेश देने की कोशिश करेगी।
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