फर्रुखाबाद DM का बड़ा एक्शन: IGRS में लापरवाही पर 20 अफसरों का वेतन रोका

जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण में मिली गंभीर खामियां, तीन दिन में मांगा जवाब

फर्रुखाबाद डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने IGRS शिकायतों के खराब निस्तारण पर 20 अधिकारियों का मई 2026 का वेतन रोक दिया। जनसुनवाई में लापरवाही पर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया। यूपी प्रशासन और फर्रुखाबाद की बड़ी खबर पढ़ें।

फर्रुखाबाद में जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। आईजीआरएस पोर्टल पर खराब प्रदर्शन और शिकायतकर्ताओं की असंतुष्टि मिलने के बाद 20 अधिकारियों का मई 2026 का वेतन रोक दिया गया है।

ईटीवी भारत, फर्रुखाबाद। जिले में आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता मिलने पर डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने सख्त रुख अपनाया है। मई माह की समीक्षा बैठक में कई विभागों की कार्यप्रणाली बेहद खराब मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण

डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि शिकायतों के निस्तारण में अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिला सूचना विभाग के अनुसार, समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई अधिकारी न तो आईजीआरएस पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे थे और न ही शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण हो रहा था।

इन विभागों के अधिकारियों पर गिरी गाज

कार्रवाई की जद में आने वालों में नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, बिजली विभाग के अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जल निगम ग्रामीण, कृषि विभाग और पंचायत विभाग के अधिकारी शामिल हैं।

इसके अलावा कई खंड विकास अधिकारियों और सहायक विकास अधिकारियों के खिलाफ भी वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।

शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने पर नाराजगी

समीक्षा में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत संपर्क नहीं किया जा रहा था। इससे न सिर्फ शिकायतों का सही फीडबैक नहीं मिल रहा था, बल्कि जनपद की मासिक रैंकिंग भी प्रभावित हो रही थी।

डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि आईजीआरएस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और मुख्यमंत्री स्तर पर इसकी लगातार मॉनिटरिंग होती है। इसके बावजूद अधिकारियों का लापरवाह रवैया प्रशासनिक अक्षमता और अनुशासनहीनता को दर्शाता है।

डीएम बोले- संतोषजनक नहीं था प्रदर्शन

डीएम ने स्पष्ट कहा कि जिन अधिकारियों का वेतन रोका गया है, उनका आईजीआरएस प्रदर्शन खराब पाया गया। शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक भी संतोषजनक नहीं थे। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में हर शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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