हमीरपुर पुल हादसा: 11 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकाले गए 3 मजदूर, 6 की मौत

तेज आंधी-तूफान में ढहा निर्माणाधीन पुल का स्लैब, रात की शिफ्ट में काम कर रहे थे मजदूर; SDRF ने चलाया राहत अभियान

हमीरपुर पुल हादसे में निर्माणाधीन पुल गिरने से 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 घंटे बाद तीन मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया। कुरारा क्षेत्र में 92 करोड़ की लागत से बन रहे पुल हादसे पर सीएम योगी ने जांच और राहत के निर्देश दिए।

हमीरपुर जिले के कुरारा क्षेत्र में शुक्रवार तड़के निर्माणाधीन पुल गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अब तक छह मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे में फंसे तीन मजदूरों को करीब 11 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।

जानकारी के अनुसार, यह पुल करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा था। पुल निर्माण का जिम्मा कानपुर की ‘द सेल्टर कंपनी’ को दिया गया था। भीषण गर्मी को देखते हुए मजदूरों से रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट में काम कराया जा रहा था। हादसे के समय भी कई मजदूर पुल के स्लैब और पिलर के आसपास काम में जुटे हुए थे।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि रात करीब एक बजे अचानक तेज आंधी और तूफान आया। इसी दौरान पुल का भारी-भरकम स्लैब और पिलर भरभराकर गिर पड़ा। देखते ही देखते कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई।

रेस्क्यू टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। भारी मशीनों और गैस कटर की मदद से मलबा हटाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे में फंसे तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाए गए मजदूरों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और मजदूरों के परिजन भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने, घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घटना की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं।

फिलहाल SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि पुल निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। हादसे के बाद निर्माण कार्यों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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