“2027 विधानसभा चुनाव से पहले सोशल इंजीनियरिंग पर कांग्रेस का बड़ा दांव, अजय राय की कुर्सी पर भी संकट के संकेत“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय को उनके पद से हटा दिया है। पार्टी नेतृत्व ने उनकी जगह दलित नेता राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त किया है। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस की नई सोशल इंजीनियरिंग और दलित-ओबीसी वोट बैंक को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों का दावा है कि यह बदलाव यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की भी विदाई हो सकती है। पार्टी संगठन की कमान किसी ओबीसी या मुस्लिम चेहरे को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
मायावती से मुलाकात की कोशिश के बाद चर्चा में आए थे राजेंद्र पाल
राजेंद्र पाल गौतम 19 मई को बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया समेत कांग्रेस नेताओं के साथ अचानक बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलने उनके लखनऊ स्थित आवास पहुंचे थे। हालांकि, पूर्व निर्धारित समय न होने के कारण करीब दस मिनट इंतजार के बाद उन्हें बिना मुलाकात किए लौटना पड़ा था। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं और इसे लेकर कांग्रेस-बसपा संभावित गठबंधन की चर्चाएं भी तेज हो गई थीं।
बाद में कांग्रेस को इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देनी पड़ी। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इसे नेताओं का व्यक्तिगत कार्यक्रम बताया था, जबकि राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि वह मायावती का हालचाल जानने पहुंचे थे। सांसद तनुज पुनिया ने भी इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया था।
2027 चुनाव से पहले जातीय समीकरण साधने की कोशिश
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि उत्तर प्रदेश में दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग को मजबूत तरीके से अपने साथ जोड़ने के लिए संगठन में भी उसी सामाजिक संतुलन को दिखाना जरूरी है। अब तक प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय दोनों सवर्ण वर्ग से आते थे। ऐसे में पार्टी की “पीडीए” (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) राजनीति और राहुल गांधी की जातिगत जनगणना की मुहिम के अनुरूप संगठन में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी।
प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में इमरान मसूद और राकेश राठौर
पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में दिल्ली में हुई कांग्रेस सांसदों की बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान बदलने पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दो नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं—
इमरान मसूद – सहारनपुर से सांसद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली मुस्लिम नेता। उन्हें जिम्मेदारी देकर कांग्रेस मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करना चाहती है।
राकेश राठौर – सीतापुर से सांसद और ओबीसी समुदाय के प्रमुख नेता। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस पिछड़ा वर्ग की राजनीति को और धार देने की रणनीति पर काम कर सकती है।
तीन साल पूरे होने वाले हैं अजय राय के
अजय राय को अगस्त 2023 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था। अगस्त 2026 में उनका कार्यकाल तीन वर्ष का हो जाएगा। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की थी। हालांकि, पार्टी अब आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नए सामाजिक समीकरणों के आधार पर संगठन में बदलाव करने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
कौन हैं नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम?
राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं। पेशे से वकील रहे गौतम ने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की है। वर्ष 2015 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर सीमापुरी से विधायक बने और अरविंद केजरीवाल सरकार में सामाजिक कल्याण, एससी-एसटी तथा जल मंत्री रहे।
वर्ष 2022 में बौद्ध सम्मेलन में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर दिए गए विवादित शपथ कार्यक्रम के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। सितंबर 2024 में उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा। जून 2025 में कांग्रेस ने उन्हें अनुसूचित जाति विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था और अब उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाकर पार्टी ने बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से अपने संगठन को मजबूत करने की चुनौती से जूझ रही है। ऐसे में दलित चेहरे को प्रभारी बनाना और प्रदेश अध्यक्ष बदलने की संभावनाओं को पार्टी की नई चुनावी रणनीति माना जा रहा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरणों को नए सिरे से साधकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के मुकाबले अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश करेगी।







