“पीलीभीत के बिलसंडा में व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी सरबजीत सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर।“
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में चर्चित व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश सरबजीत सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। शनिवार देर रात बिलसंडा थाना पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान यह मुठभेड़ शीतलपुर गांव के पास हुई।
पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली थी कि हत्याकांड का मुख्य शूटर सरबजीत सिंह अपने एक साथी के साथ इलाके में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सरबजीत सिंह को गोली लगी। गंभीर रूप से घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली बिलसंडा थाना प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में जा लगी, जिससे उनकी जान बच गई। वहीं एसओजी के दरोगा उमेश त्यागी और सिपाही हरेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
क्या था पप्पू गुप्ता हत्याकांड?
यह घटना 28 मई 2026 की है, जब बिलसंडा क्षेत्र में व्यापारी पंकज कटियार को धमकाने के उद्देश्य से कथित तौर पर किराए के शूटर बुलाए गए थे। इसी दौरान पड़ोसी कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता बीच-बचाव के लिए मौके पर पहुंचे थे। विवाद बढ़ने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें पप्पू गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया था और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की थी।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
हत्याकांड के बाद लापरवाही के आरोप में एक चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया था। इसके अलावा तत्कालीन थाना प्रभारी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया था।
पुलिस अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह की मौत के बाद पुलिस इस पूरे नेटवर्क और साजिश से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
कई मामलों में था वांछित
23 वर्षीय सरबजीत सिंह मूल रूप से लखीमपुर खीरी जिले का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, गैंगस्टर और अन्य गंभीर अपराधों समेत करीब 12 मामले दर्ज थे। व्यापारी हत्याकांड में उसका नाम मुख्य आरोपी रमेश चंद्र कटियार से पूछताछ के दौरान सामने आया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में संगठित अपराध और पेशेवर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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