“ईरानी हमले में साइप्रस के झंडे वाले जहाज पर सवार भारतीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत हो गई। मौत से पहले उन्होंने परिवार को होर्मुज पार करने का आखिरी संदेश भेजा था। भारत ने हमले की निंदा की है।“
नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास साइप्रस के झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में एक और भारतीय नाविक की मौत हो गई है। मृतक की पहचान पुणे निवासी मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर के रूप में हुई है। हमले से कुछ समय पहले ही हेरंब ने अपने परिवार को संदेश भेजकर बताया था कि जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है। यही उनके परिवार के साथ आखिरी बातचीत साबित हुई।
GFX Galaxy जहाज पर सवार थे भारतीय नाविक
जानकारी के अनुसार, हेरंब करमरकर साइप्रस के झंडे वाले कमर्शियल जहाज GFX Galaxy पर तैनात थे। जहाज ओमान तट के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।
हमले के बाद जहाज पर सवार कई भारतीय नाविकों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई थी। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि घटना के बाद 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक नाविक लापता था।

परिवार को भेजा था आखिरी संदेश
हेरंब ने हमले से कुछ समय पहले अपने परिवार को मैसेज भेजा था। इसमें उन्होंने बताया था कि जहाज ने होर्मुज को सुरक्षित पार कर लिया है। इसके बाद परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
बुधवार को हेरंब के परिवार ने उनकी मौत की पुष्टि की। उनके ससुर ने सरकार से अपील की है कि हेरंब का शव सुरक्षित भारत लाया जाए।
भारत ने जताया कड़ा विरोध
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। भारत ने इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि वह ओमान के अधिकारियों, जहाज प्रबंधन और अन्य संबंधित पक्षों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
पहले भी हुई थी भारतीय नाविक की मौत
होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए हमलों में इससे पहले भी एक भारतीय नाविक की मौत की खबर सामने आई थी। मंगलवार को दो जहाजों पर हुए हमले में एक भारतीय की जान चली गई थी।
लगातार हो रहे हमलों के बाद भारत ने ईरान के डिप्टी एंबेसडर को तलब कर अपनी नाराजगी और चिंता दर्ज कराई थी।
समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। यहां बढ़ते तनाव और जहाजों पर हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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