
“राष्ट्रीय वन शहीद दिवस 2026 के अवसर पर 11 सितंबर को लखनऊ में देशभर के वन अधिकारी, विशेषज्ञ और कर्मचारी जुटेंगे। शहीद वन कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के साथ वन विभाग के आधुनिकीकरण, सुरक्षा, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों और वन्यजीव संरक्षण को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। यह उत्तर प्रदेश (लखनऊ) की पर्यावरण एवं वन विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर है।“
लखनऊ। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वन कर्मियों के सम्मान में इस वर्ष राष्ट्रीय वन शहीद दिवस का आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किया जाएगा। 11 सितंबर को होने वाले इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर के वन अधिकारी, कर्मचारी, विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल होंगे। कार्यक्रम में शहीद वन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ वन विभाग को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए व्यापक रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
वन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मिला फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल
आयोजन की तैयारियों को लेकर ऑल इंडिया फॉरेस्ट ऑफिसर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी से अलग-अलग मुलाकात की। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और वन कर्मियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
फेडरेशन के उप महासचिव डॉ. सौरभ वशिष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शहीद वन कर्मियों को श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि वन विभाग को बदलती परिस्थितियों और नई चुनौतियों के अनुरूप अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने के लिए ठोस सुझाव तैयार करना भी है।
वन कर्मियों की सुरक्षा और आधुनिक संसाधनों पर रहेगा विशेष जोर
राष्ट्रीय सम्मेलन में अग्रिम पंक्ति में कार्यरत वन कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उनके लिए आधुनिक सुरक्षा उपकरण, अत्याधुनिक तकनीक, नियमित प्रशिक्षण, क्षमता विकास और बेहतर कार्य परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही वन कर्मियों के कल्याण और सुविधाओं को मजबूत करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
देशभर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का होगा अध्ययन
बैठक में विभिन्न राज्यों में वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और वन कर्मियों के सशक्तीकरण के लिए अपनाए जा रहे सफल मॉडलों का भी अध्ययन किया जाएगा। इन अनुभवों के आधार पर उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में सुझाव तैयार किए जाएंगे।
वन संरक्षण की दिशा में अहम पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते वन्यजीव अपराध, जंगलों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों के बीच वन कर्मियों को आधुनिक संसाधनों और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था से लैस करना समय की आवश्यकता है। ऐसे में राष्ट्रीय वन शहीद दिवस का यह आयोजन न केवल शहीद कर्मियों के सम्मान का अवसर होगा, बल्कि वन विभाग के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच भी साबित हो सकता है।







