“झारखंड में 44 भर्ती परीक्षाएं रद कर दी गई हैं। छात्रों के विरोध और कथित अनियमितताओं के बाद सरकार ने JPSC, JSSC और अन्य एजेंसियों से जुड़ी परीक्षाओं पर बड़ा फैसला लिया है।“
रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्रों के विरोध के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बीच 44 भर्ती परीक्षाओं को रद कर दिया है। मंगलवार रात सरकार की ओर से आठ अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर रद की गई परीक्षाओं की सूची सार्वजनिक की गई।
इन परीक्षाओं में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल (TSR Data Processing Pvt Ltd) के माध्यम से आयोजित या संपादित की गई परीक्षाएं शामिल हैं।
JPSC की कई अहम भर्तियां रद
रद की गई परीक्षाओं में झारखंड के विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक और सरकारी पॉलिटेक्निक में व्याख्याता समेत कई भर्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट के सहायक प्राध्यापक पदों की भर्ती परीक्षा भी रद की गई है।
सिविल सेवा से वन विभाग तक परीक्षाओं पर असर
सरकार की सूची में सिविल जज (जूनियर डिवीजन), सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्र पदाधिकारी और सहायक लोक अभियोजक जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी शामिल हैं।
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 और बैकलॉग से जुड़ी परीक्षाओं को भी रद की गई परीक्षाओं की सूची में रखा गया है।
JSSC CGL भी रद
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL), विज्ञापन संख्या 10/2023 को भी रद कर दिया गया है। यह फैसला भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
कुछ परीक्षाएं रद नहीं, सिर्फ स्थगित
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी विवादित परीक्षाओं को रद नहीं किया गया है। फूड एनालिस्ट, उप-निदेशक अभियोजन, प्रोजेक्ट मैनेजर, कारखाना निरीक्षक, बॉयलर निरीक्षक और निदेशक पदों से जुड़ी छह परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है।
इन परीक्षाओं से जुड़ी एजेंसी की जांच CID को सौंपी गई है।
17 पुरानी परीक्षाएं भी CID जांच के दायरे में
सरकार ने कुछ पुरानी परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में रखा है। इनमें पांचवीं सिविल सेवा, 2016 सिविल सेवा, 2021 सिविल सेवा, असिस्टेंट इंजीनियर और सिविल जज समेत 17 पुरानी परीक्षाएं शामिल हैं।
इन मामलों में परीक्षा प्रक्रिया और उससे जुड़े विवादों की जांच CID करेगी।
छात्रों के आंदोलन के बाद आया फैसला
भर्ती परीक्षाओं को लेकर झारखंड में छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच की मांग की जा रही थी। इसी बीच सरकार ने अब 44 परीक्षाओं को रद करने का निर्णय लिया है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब इन भर्तियों के अभ्यर्थियों के बीच आगे की प्रक्रिया और नई परीक्षा की तारीखों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नई परीक्षाएं कब और किस प्रक्रिया के तहत आयोजित होंगी, इस पर आगे अलग से निर्णय लिया जाएगा।








