“Praggnanandhaa Grand Chess Tour जीतकर आर प्रज्ञानानंद ने इतिहास रच दिया। वह यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने। फाइनल में फैबियानो कारुआना को हराकर प्रज्ञानानंद ने $200,000 यानी करीब ₹1.91 करोड़ की Prize Money जीती।“
हैदराबाद। भारतीय शतरंज के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने Grand Chess Tour का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। 21 वर्षीय प्रज्ञानानंद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने फाइनल मुकाबले में अमेरिका के दिग्गज खिलाड़ी फैबियानो कारुआना के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए बाजी अपने नाम की। इस ऐतिहासिक जीत के साथ प्रज्ञानानंद को 2 लाख डॉलर यानी करीब 1.91 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली।
छह अंक से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी
फाइनल के दिन की शुरुआत प्रज्ञानानंद के लिए चुनौतीपूर्ण रही। क्लासिकल मुकाबलों के बाद वह फैबियानो कारुआना से छह अंक पीछे थे। इसके बावजूद भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दबाव में शानदार खेल दिखाया और रैपिड चरण में लगातार दोनों मुकाबले जीतकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
रैपिड में मिली जीत के बाद प्रज्ञानानंद ने बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद चार गेम वाले ब्लिट्ज चरण में उन्हें अपनी बढ़त बनाए रखने की जरूरत थी। उन्होंने बेहद संयमित और रणनीतिक खेल का प्रदर्शन किया और अंततः 15-13 के स्कोर से मुकाबला अपने नाम कर Grand Chess Tour का खिताब जीत लिया।
कारुआना के खिलाफ निर्णायक साबित हुआ रैपिड चरण
कारुआना ने क्लासिकल गेम के बाद छह अंकों की बढ़त बनाकर फाइनल में मजबूत स्थिति हासिल कर ली थी। ऐसे में प्रज्ञानानंद के सामने वापसी की बड़ी चुनौती थी। भारतीय खिलाड़ी ने रैपिड मुकाबलों में आक्रामक रुख अपनाया और दोनों गेम जीतकर छह अंकों के अंतर को खत्म कर दिया।
रैपिड चरण के बाद मिली बढ़त को उन्होंने ब्लिट्ज में बखूबी संभाला। अंतिम चरण में दबाव के बावजूद प्रज्ञानानंद ने अपना धैर्य नहीं खोया और मुकाबले को बराबरी पर रखते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया।
1.91 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि
Grand Chess Tour का खिताब जीतने के साथ प्रज्ञानानंद को 2 लाख डॉलर (करीब 1.91 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि मिली। फाइनल में दूसरे स्थान पर रहे फैबियानो कारुआना को 1.25 लाख डॉलर यानी करीब 1.19 करोड़ रुपये मिले।
पुरस्कार राशि का विवरण:
- आर प्रज्ञानानंद: 2,00,000 डॉलर (करीब 1.91 करोड़ रुपये)
- फैबियानो कारुआना: 1,25,000 डॉलर (करीब 1.19 करोड़ रुपये)
- वेस्ली सो: 75,000 डॉलर
- विंसेंट कीमर: 50,000 डॉलर
Grand Chess Tour 2027 के लिए भी मिली सीधी एंट्री
इस टूर्नामेंट में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को अगले सत्र यानी Grand Chess Tour 2027 के लिए सीधे क्वालीफाई करने का मौका मिला है। इसका मतलब है कि विजेता प्रज्ञानानंद के साथ उपविजेता फैबियानो कारुआना और तीसरे स्थान पर रहे वेस्ली सो भी अगले सत्र में सीधे जगह बना चुके हैं।
11 संस्करणों में पहली बार भारतीय खिलाड़ी ने जीता खिताब
Grand Chess Tour के इतिहास में यह उपलब्धि भारतीय शतरंज के लिए बेहद खास है। टूर्नामेंट के अब तक 11 संस्करण खेले जा चुके हैं, लेकिन पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने इसका खिताब अपने नाम किया है।
इससे पहले नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन, अमेरिका के वेस्ली सो, फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा और अमेरिका के फैबियानो कारुआना जैसे दिग्गज खिलाड़ी इस खिताब को दो-दो बार जीत चुके हैं। टूर्नामेंट के शुरुआती संस्करण में तीन प्रतियोगिताएं शामिल थीं, जबकि अब इसका विस्तार छह प्रतियोगिताओं तक हो चुका है।
भारतीय शतरंज के लिए बड़ी उपलब्धि
प्रज्ञानानंद की यह जीत भारतीय शतरंज के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाती है। कम उम्र में ही दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रज्ञानानंद ने एक बार फिर साबित किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय शतरंज के बड़े मंच पर भारत की मजबूत दावेदारी पेश करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं।
छह अंकों से पिछड़ने के बाद फाइनल में वापसी कर खिताब जीतना उनके खेल कौशल, मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है। Grand Chess Tour का खिताब जीतकर प्रज्ञानानंद ने भारतीय शतरंज के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
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