
“ कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू शालू और दो नौकर जेल भेजे जा चुके हैं। बेटे सुब्रत को पुलिस ने अभी क्लीनचिट नहीं दी है। हत्या वाले दिन पूर्व नौकर विशाल को फोन करने और कॉल हिस्ट्री डिलीट करने समेत कई बिंदुओं पर जांच जारी है।“
कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस के शक का दायरा बढ़ता जा रहा है। बहू शालू और पूर्व नौकर विशाल गौतम व उसके साथी राजकिशोर को जेल भेजे जाने के बाद भी कारोबारी के बेटे सुब्रत को पुलिस ने क्लीनचिट नहीं दी है। पुलिस के मुताबिक, हत्या वाले दिन सुब्रत ने आरोपित पूर्व नौकर विशाल से फोन पर बातचीत की थी और इसके बाद कॉल हिस्ट्री डिलीट कर दी गई। पुलिस इस कड़ी को गंभीरता से जांच रही है।
हत्या वाले दिन विशाल से हुई थी सुब्रत की बात
पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे सुब्रत ने पूर्व नौकर विशाल को फोन किया था। बातचीत के बाद कॉल हिस्ट्री डिलीट कर दी गई। पूछताछ में सुब्रत ने इसका कारण बताते हुए कहा कि उसके पिता विनीत मिनोचा विशाल को पसंद नहीं करते थे। उसे आशंका थी कि अगर पिता फोन देखेंगे तो विशाल का नंबर देखकर नाराज होंगे, इसलिए नंबर डिलीट कर दिया था।
पुलिस इस स्पष्टीकरण से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। जांच अधिकारियों का मानना है कि हत्या से पहले और बाद में हुई बातचीत की पूरी कड़ी सामने आना जरूरी है।
पत्नी को जेल भेजे जाने के दौरान भी पुलिस ने देखे हावभाव
पुलिस की नजर में सुब्रत के व्यवहार ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। पत्नी शालू को घर से ले जाने, डीसीपी कार्यालय में पूछताछ और बाद में जेल भेजे जाने तक पुलिस ने उसके व्यवहार को भी जांच का हिस्सा बनाया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान सुब्रत बेहद शांत रहा और उसने केवल पत्नी को बेगुनाह बताया।
हालांकि किसी व्यक्ति का व्यवहार अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं होता। पुलिस फिलहाल उसके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
खरीदारी में भी साथ था विशाल, पुलिस को खटक रही यह बात
जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार, सुब्रत और शालू के साथ पूर्व नौकर विशाल भी खरीदारी के दौरान मौजूद था। सुब्रत कार में था, जबकि शालू और विशाल खरीदारी कर रहे थे। इसी दौरान घर की चाबी भी बनवाई गई थी।
पुलिस का सवाल है कि यदि विशाल और शालू के बीच पहले से हत्या को लेकर कोई योजना थी तो सुब्रत इन गतिविधियों से पूरी तरह अनजान कैसे रहा। घर पर भी शालू और विशाल के बीच बातचीत के दौरान सुब्रत के मौजूद रहने की बात सामने आई है।
इसी वजह से पुलिस सुब्रत की भूमिका को लेकर हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
विशाल के बयान से खुली हत्या की साजिश की कड़ी
इंदिरा नगर के रतन आर्बिट अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में रहने वाले दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की शनिवार रात चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। अपार्टमेंट के कैमरों और सिक्योरिटी गार्ड इंचार्ज मदन सिंह के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस ने पुराने नौकर रेलबाजार के नूनिया मोहाल निवासी विशाल गौतम और हरबंश मोहाल के मथुरी मोहाल निवासी राजकिशोर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पूछताछ में विशाल ने कारोबारी की बहू शालू का नाम लिया।
विशाल के मुताबिक, शालू ने विनीत मिनोचा की हत्या के लिए छह लाख रुपये देने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने शालू से पूछताछ की और मामले में उसकी भूमिका की जांच की। शालू को बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
करोड़पति ससुर की पाबंदियों से परेशान थी शालू
पूछताछ में शालू ने बताया कि उसके ससुर घर में काफी पाबंदियां लगाकर रखते थे। उसके मुताबिक, पति सुब्रत को 35 हजार रुपये वेतन और उसे 10 हजार रुपये घरेलू खर्च के लिए दिए जाते थे। कारोबारी प्रत्येक खर्च का हिसाब रखते थे।
पुलिस का मानना है कि पारिवारिक विवाद और आर्थिक नियंत्रण से जुड़े पहलुओं की भी जांच जरूरी है। इसी आधार पर हत्या की कथित साजिश के पीछे की वजह और उसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
विशाल ने पहले सुब्रत का नाम लेने की कही थी बात
जांच में यह भी सामने आया कि विशाल ने पुलिस को बताया कि शालू ने उससे कहा था कि अगर वह पकड़ा जाए तो हत्या के मामले में सुब्रत का नाम ले ले। हालांकि गिरफ्तारी के बाद विशाल ने पुलिस के सामने शालू का नाम लिया और कहा कि सुब्रत को हत्या की जानकारी नहीं थी।
यह विरोधाभास भी पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारी विशाल, शालू और सुब्रत के बयानों का आपस में मिलान कर रहे हैं।
सुब्रत को फिलहाल घर भेजा, जांच जारी
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम के मुताबिक, सुब्रत ने हत्या वाले दिन विशाल को फोन किया था और इसके बाद कॉल हिस्ट्री डिलीट की गई। पुलिस ने अभी उसे क्लीनचिट नहीं दी है। फिलहाल पूछताछ के बाद उसे घर भेजा गया है।
पुलिस अब कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज, आरोपितों के बयानों और वारदात से पहले की गतिविधियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। मंगलवार को भी रतन आर्बिट अपार्टमेंट में आने वाले लोगों की जांच और तलाशी का सिलसिला जारी रहा।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सुब्रत की भूमिका केवल संयोगवश सामने आई गतिविधियों तक सीमित थी या हत्याकांड की साजिश में उसकी भी कोई भूमिका थी।
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