
“अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने पांच ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट करने का दावा किया, जिसके बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं। सऊदी अरब में हूती हमलों से 73 लोग घायल हुए हैं।
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तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरानी कच्चे तेल के पांच टैंकरों को नष्ट करने का दावा किया। यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की ओर से कथित तौर पर किए गए दो मिसाइल हमलों के जवाब में की गई।
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी कदम उठाते हुए जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों की ओर मिसाइलें दागे जाने की जानकारी दी। इस बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद तेल टैंकरों के चालक दल को तत्काल जहाज छोड़ने की चेतावनी दी है। इससे खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जॉर्डन की ओर दागी गईं मिसाइलें
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने जॉर्डन के एयरबेस पर हमले के बारे में तत्काल कोई जानकारी देने से इनकार किया।
जॉर्डन की सेना के मुताबिक, उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने देश की ओर दागी गईं 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया। दो अन्य मिसाइलें ऐसे इलाकों में गिरीं, जहां कोई आबादी नहीं थी। जॉर्डन ने हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी है।
जॉर्डन अमेरिका का प्रमुख सहयोगी है और वहां अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी है। यही वजह है कि क्षेत्र में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के बीच जॉर्डन के सैन्य ठिकाने भी निशाने पर आ रहे हैं।
सऊदी अरब में हूती हमलों से 73 लोग घायल
इसी दौरान ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में कई तेल प्रतिष्ठानों और अन्य सुविधाओं को निशाना बनाया। हमलों के बाद कई जगह आग लग गई। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं।
हमले अबहा, जजान, नजरान और खमिस मुशैत शहरों में स्थित नागरिक और आर्थिक प्रतिष्ठानों पर किए गए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इसकी जानकारी दी।
ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष फिर तेज हो गया है। इससे पहले करीब चार साल तक चली युद्धविराम की स्थिति कमजोर पड़ चुकी है।
बाब-अल-मंदेब मार्ग पर बढ़ा खतरा
सऊदी अरब में ताजा हमलों ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। इसका असर लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री व्यापार पर पड़ने की आशंका है।
बाब-अल-मंदेब वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव तेल और अन्य सामानों की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
ब्रिटेन ने इजरायली बस्तियों से व्यापार पर लगाई रोक
मध्य-पूर्व में सैन्य तनाव के बीच ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों से व्यापार को लेकर बड़ा फैसला किया है। ब्रिटिश सरकार ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में स्थित इजरायली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा कि वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार का कार्यक्रम फलस्तीन के लिए अलग राज्य की स्थापना की कोशिशों को नुकसान पहुंचा रहा है। ब्रिटेन ने बस्तियों से आने वाले सभी सामानों के साथ कुछ सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही है।
इजरायल ने ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने का फैसला किया
ब्रिटेन के फैसले पर इजरायल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सा’र ने कहा कि इजरायल यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करेगा।
इजरायल ने गाजा युद्धविराम की निगरानी के लिए बनाए गए संयुक्त सैन्य केंद्र से ब्रिटिश प्रतिनिधियों को हटाने और वेस्ट बैंक में फलस्तीनी प्राधिकरण के सुरक्षा बलों को दी जा रही ब्रिटिश ट्रेनिंग बंद करने की भी बात कही है।
ईरान ने अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन कब्जे में लेने का दावा किया
ईरान ने दावा किया कि उसकी नौसेना ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र में अमेरिकी सेना के एक अंडरवॉटर ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इसे ‘जब्त किए गए सैन्य उपकरण’ के तौर पर पेश किया।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि संबंधित Anduril Dive-LD ड्रोन एक दिन से अधिक समय पहले खराब हो गया था और अमेरिकी सेना के पास अब वह ड्रोन नहीं है।
अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, यह पुराना और खराब उपकरण था, जिसमें संवेदनशील डेटा एकत्र करने की क्षमता या कोई वर्गीकृत सोनार अथवा रडार उपकरण नहीं था। अमेरिका ने कहा कि ड्रोन व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कॉन्फिगरेशन में था।
गाजा में गोलीबारी, बच्चे समेत दो की मौत
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच गाजा में भी हिंसा जारी रही। अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को इजरायली सैनिकों की गोलीबारी में एक बच्चे समेत कम से कम दो लोगों की मौत हुई।
नासेर अस्पताल के अनुसार, खान यूनिस के पूर्वी हिस्से में विस्थापित फलस्तीनियों के तंबुओं के पास हुई गोलीबारी में 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। अस्पताल ने बताया कि खान यूनिस के दक्षिण में 69 वर्षीय एक व्यक्ति की भी गोली लगने से मौत हुई।
अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पीड़ित उस क्षेत्र में थे, जो इजरायली सेना के कब्जे वाले इलाके और अन्य हिस्सों को अलग करने वाली ‘येलो लाइन’ के फलस्तीनी हिस्से में आता है।
इसके अलावा नुसेरात शरणार्थी शिविर में इजरायली हमले में 10 लोग घायल होने की सूचना है। गाजा के कई इलाकों में लोगों को कथित तौर पर इलाका खाली करने की चेतावनी भी मिली, जिसके बाद खान यूनिस, बुरेजी शरणार्थी शिविर और गाजा सिटी में हमलों की खबरें सामने आईं।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती तनातनी से चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी कार्रवाई, सऊदी अरब पर हूती हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तेल टैंकरों को ईरानी चेतावनी से समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है।
क्षेत्र में पहले से जारी गाजा और यमन संघर्ष के बीच अमेरिका-ईरान टकराव के नए दौर ने पश्चिम एशिया में व्यापक सैन्य तनाव का खतरा और बढ़ा दिया है।
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