“UP Art Events 2026: अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन बड़े कला आयोजन होंगे। राम-रामायण कार्यशाला, लोकधारा शिविर और काशी फ्लो में देशभर के कलाकार शामिल होंगे।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कला और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने और देश की विविध कला परंपराओं को एक मंच देने के लिए UP Art Events 2026 के तहत अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन प्रमुख कला कार्यशालाओं एवं शिविरों की तैयारी की गई है। तीनों आयोजनों में अलग-अलग सांस्कृतिक विषय केंद्र में रहेंगे। अयोध्या में राम और रामायण, लखनऊ में लोक एवं पारंपरिक कला तथा वाराणसी में गंगा और काशी की सांस्कृतिक विरासत कलाकारों की रचनात्मक अभिव्यक्ति का आधार बनेगी।
अयोध्या में राम-रामायण पर राष्ट्रीय कार्यशाला
अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर 2026 तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी और गुप्तार घाट पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें करीब 25 कलाकार और 10 विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
कार्यशाला का फोकस राम, रामायण और अयोध्या की सांस्कृतिक परंपरा को कला के माध्यम से समझने और प्रस्तुत करने पर रहेगा। वरिष्ठ कलाकारों तथा विषय विशेषज्ञों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी संवाद और सीखने का अवसर मिलेगा।
लखनऊ में ‘लोकधारा’ में दिखेंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां
इसके बाद राजधानी लखनऊ में 18 से 22 नवंबर 2026 तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से पांच दिवसीय ‘लोकधारा’ लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा।
इस शिविर में देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधकों के शामिल होने की योजना है। इसके अलावा लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी शिविर का हिस्सा होंगे।
‘लोकधारा’ में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में लाइव कला निर्माण, वरिष्ठ कलाकारों का प्रदर्शन, तकनीकी संवाद, मास्टरक्लास और व्यावहारिक प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां होंगी।
युवा कलाकारों को वरिष्ठ कलाकारों से सीखने का मौका
कार्यक्रम की रूपरेखा में कला विद्यार्थियों और युवा कलाकारों को केवल तैयार कलाकृतियां देखने के बजाय कला निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर देने पर जोर है। वरिष्ठ कलाकार लाइव प्रदर्शन और तकनीकी संवाद के माध्यम से पारंपरिक कला विधाओं की बारीकियां साझा करेंगे।
लखनऊ के इस आयोजन में लखनऊ विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ सहित कई शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग की योजना है।
वाराणसी में गंगा तट पर ‘काशी फ्लो’
तीसरा बड़ा आयोजन वाराणसी में होगा। दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में गंगा तट पर चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसका आयोजन गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।
इस आयोजन में गंगा, काशी और उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को कलाकार अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त करेंगे। देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों की भागीदारी प्रस्तावित है। इनमें वाराणसी के अलावा वृंदावन, देहरादून, मथुरा, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, ओडिशा, लखीमपुर, सिरसा, मऊ और मेरठ जैसे स्थानों के कलाकार शामिल हो सकते हैं।
तीन शहर, तीन विषय और एक सांस्कृतिक उद्देश्य
इन तीनों आयोजनों की थीम अलग होने के बावजूद इनके केंद्र में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और नई पीढ़ी के बीच संवाद स्थापित करना है। अयोध्या में राम-रामायण की परंपरा, लखनऊ में भारत की लोक एवं पारंपरिक कला और वाराणसी में गंगा-काशी की विरासत को कला के माध्यम से सामने लाने की योजना है।
इससे कलाकारों, कला विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को अलग-अलग कला परंपराओं को करीब से समझने तथा उनके संरक्षण और समकालीन अभिव्यक्ति पर संवाद का अवसर मिलेगा।
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