“उत्तर प्रदेश भाजपा पितृपक्ष से पहले महिला, किसान, OBC, SC और ST मोर्चों की नई प्रदेश टीम घोषित करने की तैयारी में है। करीब 30 सदस्यीय टीम में क्षेत्रीय संतुलन पर जोर रहेगा।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक बदलाव का अगला चरण शुरू हो गया है। पार्टी प्रदेश के पांच प्रमुख मोर्चों की नई प्रदेश इकाइयों की घोषणा करने की तैयारी में है। महिला, किसान, OBC, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति मोर्चों की संभावित टीमों के नाम प्रदेश नेतृत्व को सौंपे जा चुके हैं। पार्टी की योजना है कि पितृपक्ष शुरू होने से पहले यानी 26 सितंबर से पहले इन टीमों की घोषणा कर दी जाए।
पांच मोर्चों में करीब 30-30 पदाधिकारी
प्रस्तावित प्रदेश टीमों में प्रत्येक मोर्चे के लिए तीन महामंत्री, 10 उपाध्यक्ष और 10 मंत्री नियुक्त किए जाएंगे। इस तरह प्रत्येक टीम करीब 30 सदस्यीय होगी। टीमों के गठन में अलग-अलग क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्टी के अनुसार संबंधित मोर्चों के अध्यक्षों ने संभावित पदाधिकारियों के नाम प्रदेश नेतृत्व को सौंप दिए हैं। इन नामों पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर विचार किया जा रहा है।
इन नेताओं के पास है मोर्चों की कमान
वर्तमान में OBC मोर्चा के अध्यक्ष प्रकाश पाल, महिला मोर्चा की अध्यक्ष सरोज कुशवाहा, किसान मोर्चा के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी, अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष अशोक रावत और अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष विद्याभूषण गोंड हैं।
इन मोर्चों की नई प्रदेश टीमों को संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ अपने-अपने सामाजिक समूहों के बीच पार्टी के कार्यक्रमों और अभियानों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष जोर
नई टीमों के गठन में क्षेत्रीय संतुलन को महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है। प्रदेश के पश्चिम, ब्रज, कानपुर-बुंदेलखंड, अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्रों को संगठन में प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा ने हाल के महीनों में प्रदेश संगठन के अलावा क्षेत्रीय और जिला स्तर पर भी नियुक्तियां की हैं। सितंबर में पार्टी ने उत्तर प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की थी। इन प्रभारियों को स्थानीय संगठन के साथ समन्वय कर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।
युवा मोर्चे की टीम बाद में
पांच मोर्चों की टीमों के साथ भाजपा युवा मोर्चा की प्रदेश इकाई की घोषणा फिलहाल बाद में होने की संभावना है। पार्टी के अनुसार सेवा संकल्प अभियान में व्यस्तता और वाराणसी से वडनगर की यात्रा के कारण युवा मोर्चे से जुड़े कई पदाधिकारी अभी बाहर हैं।
ऐसे में युवा मोर्चे की प्रदेश टीम 10 अक्टूबर के बाद, यानी पितृपक्ष समाप्त होने के बाद घोषित किए जाने की संभावना है। यदि अन्य मोर्चों की घोषणा भी निर्धारित समय में नहीं हो पाती है तो उनके गठन के लिए भी पितृपक्ष समाप्त होने के बाद की तारीख रखी जा सकती है।
मोर्चा प्रभारियों की भी हुई नियुक्ति
प्रदेश में पांचों मोर्चों के अध्यक्षों के बाद उनके प्रभारियों की नियुक्ति भी की जा चुकी है। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने हाल में सभी मोर्चा अध्यक्षों के साथ बैठक कर संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की थी।
इससे पहले भाजपा ने प्रदेश संगठन के साथ क्षेत्रीय समितियों और जिला प्रभारियों में भी बदलाव किया है। जून में प्रदेश भाजपा की नई टीम घोषित की गई थी और सितंबर में छह संगठनात्मक क्षेत्रों की नई क्षेत्रीय टीमों तथा जिला प्रभारियों की नियुक्तियां की गईं।
अल्पसंख्यक मोर्चे पर अभी घोषणा नहीं
भाजपा के अन्य मोर्चों के बीच प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चे की नई टीम को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई है। पार्टी की मौजूदा संगठनात्मक कवायद में महिला, किसान, OBC, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति मोर्चों को प्राथमिकता दी जा रही है।
संगठन को चुनावी कार्यक्रमों से जोड़ने की तैयारी
नई मोर्चा टीमों को गठन के बाद संगठनात्मक कार्यक्रमों और पार्टी के अभियानों से जोड़े जाने की तैयारी है। भाजपा पहले ही सोशल मीडिया, प्रकोष्ठों, क्षेत्रीय समितियों और जिला स्तर पर संगठनात्मक बदलाव कर चुकी है। सितंबर में पार्टी ने सोशल मीडिया और विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए भी नई जिम्मेदारियां घोषित की थीं।
इस तरह पांचों मोर्चों की नई टीमों का गठन उत्तर प्रदेश भाजपा के मौजूदा संगठनात्मक पुनर्गठन की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इन नियुक्तियों का अंतिम स्वरूप और पदाधिकारियों के नाम पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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