मायावती ने बसपा संगठन में किया बड़ा फेरबदल, राजाराम और रामजी गौतम को मिली अहम जिम्मेदारी

“मायावती ने बसपा संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए देश को तीन सेक्टरों में बांटा है। राजाराम को नौ और रामजी गौतम को 10 राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है।“

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में बड़ा बदलाव किया है। संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए देश को अब तीन सेक्टरों में बांटा गया है। इसके तहत वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ताजा संगठनात्मक व्यवस्था में रामजी गौतम और पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक राजाराम को नौ राज्यों और रामजी गौतम को 10 राज्यों का प्रभार सौंपा गया है।

तीन सेक्टरों में बांटा गया राष्ट्रीय संगठन

बसपा की पिछली संगठनात्मक व्यवस्था में देश को छह सेक्टरों में बांटा गया था। अब पार्टी ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए तीन सेक्टर बनाए हैं।

नए ढांचे में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सेक्टर एक में रखा गया है। इसकी जिम्मेदारी मायावती स्वयं संभालेंगी। वहीं सेक्टर दो और तीन की जिम्मेदारी क्रमश: वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है।

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब बसपा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन को सक्रिय करने में जुटी है। हालिया बैठकों में पार्टी ने संगठन विस्तार, बूथ स्तर के नेटवर्क और चुनावी तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की है।

राजाराम को नौ राज्यों की जिम्मेदारी

पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम को नौ राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले भी वह बसपा में राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हाल के दिनों में उन्हें मध्य प्रदेश के साथ केरल, गुजरात और कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था।

नई व्यवस्था के तहत उनके जिम्मे अब कुल नौ राज्यों का संगठनात्मक प्रभार रहेगा। पार्टी स्तर पर इसे राष्ट्रीय संगठन के पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है।

रामजी गौतम को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

बसपा के राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम को भी राष्ट्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास 10 राज्यों का प्रभार रहेगा।

रामजी गौतम फिलहाल बसपा के राज्यसभा में एकमात्र सांसद हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा होना है।

आकाश आनंद के बाद संगठन में बदलाव का दौर

बसपा में यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब पार्टी के शीर्ष संगठन में लगातार बदलाव किए गए हैं। मायावती ने हाल में अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से अलग किया था और छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दी गई।

इसके बाद अब राष्ट्रीय संगठन को तीन सेक्टरों में बांटने और वरिष्ठ नेताओं को राज्यों का प्रभार देने का फैसला सामने आया है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन पर फोकस

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। बसपा ने चुनाव की तैयारियों के तहत संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला भी तेज किया है। सितंबर में हुई राष्ट्रीय स्तर की बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

पार्टी ने उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड और पंजाब में भी आगामी चुनावों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाई हैं। ऐसे में तीन सेक्टर की नई व्यवस्था के जरिए अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया है।

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