“अजय राय बोले कि ब्राह्मण समाज सम्मेलन से दिनेश शर्मा भागे और 2027 में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी। मनरेगा भुगतान को लेकर 10 दिन का अल्टीमेटम, आरपी गौतम को एयरपोर्ट पर रोके जाने पर भी सवाल।“
हाइलाइट्स:
- अजय राय का भाजपा और योगी सरकार पर हमला
- दिनेश शर्मा पर ब्राह्मण सम्मेलन से भागने का आरोप
- मनरेगा मजदूरों के भुगतान के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम
- आरपी गौतम को एयरपोर्ट पर रोके जाने का दावा
- 2027 चुनाव में भाजपा को हटाने का दावा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ajay Rai ने रविवार को योगी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज के सम्मेलन में विरोध का सामना नहीं कर पाने के कारण पूर्व डिप्टी सीएम व राज्यसभा सांसद Dinesh Sharma कार्यक्रम से चले गए। उन्होंने दावा किया कि ब्राह्मण समाज में भाजपा के प्रति नाराजगी बढ़ रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
अजय राय ने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak भी सम्मेलन के दौरान असहज दिखे। उनके मुताबिक भाजपा कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है।
आरपी गौतम को रोके जाने का आरोप
कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन R P Gautam को लखनऊ एयरपोर्ट से आगे न जाने देने के मामले को भी अजय राय ने मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं को रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
आरपी गौतम ने आरोप लगाया कि गोरखपुर के चौरी-चौरा में प्रस्तावित दलित सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए जाते समय उन्हें पुलिस ने रोक दिया और बताया कि कार्यक्रम की अनुमति होली के मद्देनजर रद्द कर दी गई है। उन्होंने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
मनरेगा भुगतान को लेकर सरकार पर निशाना
अजय राय ने मनरेगा मजदूरों के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि होली से पहले मजदूरों, कर्मियों, आपूर्ति कर्ताओं और महिला मेट का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि करीब 1600 करोड़ रुपये बकाया हैं।
उन्होंने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
‘झूठे वादे’ का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2021 में मनरेगा कर्मियों के लिए घोषित 24 आकस्मिक और 12 चिकित्सा अवकाश संबंधी आदेश जमीन पर लागू नहीं हुए। आरटीआई के जवाब में विभाग ने ऐसे किसी आदेश की जानकारी से इनकार किया है।
कांग्रेस नेताओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि जनता अपने मताधिकार से जवाब देगी।
राजनीतिक हलकों में इस बयानबाजी के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा की ओर से फिलहाल इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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