अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा आरोप, बोले- यूपी में फर्जी वोटों का खेल; SIR पर खर्च करोड़ों रुपये

“उत्तर प्रदेश के करीब 60 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह करने की तैयारी है। CM योगी आदित्यनाथ 13 अक्टूबर को बरेली में घोषणा कर सकते हैं। जानिए किसे कितना फायदा होगा और सरकार पर कितना अतिरिक्त खर्च आएगा।“

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की विभिन्न विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी के समर्थक मतदाताओं के नाम कटवाए गए, जबकि फर्जी नाम जोड़ने का काम हुआ है। अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाना और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना था, लेकिन उनके मुताबिक प्रक्रिया के बाद भी कई जगहों पर गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं।

सोमवार को समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर लखनऊ के लोहिया पार्क में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सपा प्रमुख ने ये आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कथित फर्जी मतदाताओं से जुड़े मामलों को सामने लाएगी। अखिलेश के इन आरोपों से उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची और एसआईआर को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित मतदाता रिकॉर्ड और चुनाव आयोग के तथ्यों के आधार पर होनी बाकी है।

‘कई विधानसभा क्षेत्रों में एक ही व्यक्ति के कई नाम’

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम कई बार दर्ज हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ जगहों पर एक व्यक्ति के नाम दो बार, जबकि कहीं-कहीं दस बार तक नाम दर्ज होने के मामले सामने आए हैं।

सपा प्रमुख के मुताबिक, उनकी पार्टी ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे कथित फर्जी मतदाताओं की पहचान की है और वह संबंधित सूची सार्वजनिक करेगी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं रहनी चाहिए थी। यदि एक ही व्यक्ति के नाम कई बार दर्ज हैं या पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो इस पर गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने इन कथित अनियमितताओं के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। हालांकि, मतदाता सूची में दर्ज नामों की वास्तविक स्थिति और किसी भी कथित गड़बड़ी की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों की जांच के बाद ही की जा सकती है।

सरोजनीनगर और आजमगढ़ का उदाहरण देकर उठाए सवाल

सपा अध्यक्ष ने लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट और सुलतानपुर के एक मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों के नाम कटवाने के लिए कथित तौर पर जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सरोजनीनगर के दशरथ और सुलतानपुर के नंदना निषाद का नाम लेते हुए दावा किया कि ऐसे लोगों के नाम से नाम हटाने संबंधी कई फॉर्म भरवाए गए, जबकि वे पढ़ने-लिखने में सक्षम नहीं हैं।

अखिलेश यादव ने आजमगढ़ सदर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए विकास यादव नाम के एक मतदाता का जिक्र किया। उनके अनुसार, मतदाता का नाम दस अलग-अलग स्थानों पर दर्ज होने का मामला सामने आया है।

इन उदाहरणों के जरिए सपा प्रमुख ने मतदाता सूची की जांच और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष पड़ताल की मांग उठाई। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों और चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा दस्तावेजी पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

‘करोड़ों रुपये खर्च हुए, फिर भी गड़बड़ी क्यों?’

अखिलेश यादव ने एसआईआर प्रक्रिया पर खर्च और प्रशासनिक संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए और पूरा प्रशासनिक तंत्र लगाया गया। इसके बावजूद यदि फर्जी नाम और पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने जैसी शिकायतें सामने आती हैं, तो प्रक्रिया के परिणामों की समीक्षा होनी चाहिए।

उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।

अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 200-200 वोट बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री चुनाव आयोग को इस तरह निर्देश कैसे दे सकते हैं।

ये सभी आरोप सपा प्रमुख की ओर से लगाए गए हैं। इन्हें प्रमाणित तथ्य मानने से पहले चुनाव आयोग का पक्ष, संबंधित दस्तावेज और आधिकारिक रिकॉर्ड देखना आवश्यक है।

2027 के चुनाव को लेकर भाजपा को चुनौती

अखिलेश यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर विश्वास जताया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा 403 विधानसभा सीटों पर जीत का सपना देख रही है, लेकिन सपा उसके मंसूबों को सफल नहीं होने देगी।

सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ‘चार सौ बीसी’ शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि उनकी पार्टी चुनाव में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाएगी। उन्होंने प्रशासनिक तंत्र के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि नौकरशाही भाजपा के इशारे पर काम कर रही है।

डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा की राजनीतिक रणनीति और मतदाता सूची के मुद्दे को प्रमुखता देने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है।

महंगाई रोकने के लिए लागू करेंगे ‘दाम बांधो’ नीति: अखिलेश

अखिलेश यादव ने महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक ओर अत्यधिक संपन्न लोग हैं, जबकि दूसरी ओर ऐसे गरीब परिवार भी हैं, जिनके पास जरूरत की चीजें खरीदने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। उन्होंने रोजगार के अवसरों की कमी और लगातार बढ़ती महंगाई को आम लोगों की प्रमुख समस्याएं बताया।

सपा प्रमुख ने समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की ‘दाम बांधो’ नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए इस नीति को लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण से आम जनता को राहत देने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, इस नीति के तहत किन वस्तुओं की कीमतें निर्धारित की जाएंगी और इसे लागू करने का आर्थिक ढांचा क्या होगा, इस बारे में विस्तृत योजना सामने आना बाकी है।

भाजपा और आरएसएस पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में हुए आंदोलन के दौरान भाजपा अपने लोगों को पुलिस की वर्दी पहनाकर आगे कर रही है। इस संबंध में उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की।

सपा प्रमुख ने अपने भाषण में राजनीतिक विरोध, प्रशासनिक निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब और उपलब्ध प्रमाण इन दावों की वास्तविकता समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

लोहिया की पुण्यतिथि पर जुटे सपा के वरिष्ठ नेता

डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर लखनऊ स्थित लोहिया पार्क में आयोजित कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सपा महासचिव शिवपाल सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, उपाध्यक्ष सीएल वर्मा और सांसद आरके चौधरी सहित अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी, महिला जिलाध्यक्ष प्रेमलता यादव, प्रदेश सचिव रामसागर यादव, विजय सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजबाला रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव और चिनहट ब्लॉक प्रमुख ऊषा सेन समेत कई नेता उपस्थित थे।

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