“Census 2027 में केंद्र सरकार ने 33 सवाल जारी किए हैं। इस बार डिजिटल जनगणना होगी, लिव-इन कपल्स को शादीशुदा माना जाएगा और सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा भी मिलेगी।“
नई दिल्ली। देश में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होने जा रही है। सरकार ने पहले चरण के लिए 33 महत्वपूर्ण सवाल जारी किए हैं, वहीं लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को भी कुछ शर्तों के तहत शादीशुदा के रूप में दर्ज करने का प्रावधान किया गया है।
यह जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मृत्युंजय कुमार नारायण ने दी। उन्होंने बताया कि जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी मिलेगी।
लिव-इन कपल्स को लेकर नया प्रावधान
सरकार की ओर से जारी FAQ के अनुसार, अगर कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है और अपने संबंध को स्थायी मानता है, तो उसे जनगणना में शादीशुदा की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इस प्रावधान को लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
33 सवालों में क्या पूछा जाएगा
जनगणना के पहले चरण में घर और परिवार से जुड़ी बुनियादी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसमें शामिल हैं—
- मकान की स्थिति और संरचना
- दीवार, छत और फर्श की सामग्री
- परिवार के सदस्यों की संख्या
- शादीशुदा जोड़ों का विवरण
- परिवार के मुखिया की जानकारी
- खाने की आदतें और उपयोग किए जाने वाले अनाज
- वाहन और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता
दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा—
- पहला चरण (अप्रैल–सितंबर 2026): मकान सूचीकरण और आवास गणना
- दूसरा चरण (फरवरी 2027): जनसंख्या गणना
यह आजादी के बाद देश की 16वीं जनगणना होगी, जिसमें पहली बार जाति आधारित गणना भी शामिल की जाएगी।
पहली बार पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में कराई जाएगी।
- गणनाकार मोबाइल और टैबलेट के जरिए डेटा दर्ज करेंगे
- जियो-टैगिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा होगी
- केंद्रीकृत वेब प्लेटफॉर्म के जरिए डेटा तुरंत अपलोड होगा
- करीब 30 लाख फील्ड कर्मचारी इस कार्य में लगाए जाएंगे।
खुद भी भर सकेंगे फॉर्म
सरकार ने नागरिकों को Self Enumeration की सुविधा भी दी है। लोग मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, उनके लिए गणनाकार घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे।
डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
- इसे RTI के तहत साझा नहीं किया जाएगा
- अदालत में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं होगा
- किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा
बजट और रोजगार
केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए लगभग ₹11,718 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। इस प्रक्रिया से करीब 1 करोड़ मानव-दिवस का रोजगार भी सृजित होगा।
जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नई तकनीक, सामाजिक बदलावों को शामिल करने और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। खासकर लिव-इन कपल्स को शादीशुदा मानने का प्रावधान इस बार की जनगणना को और भी चर्चा में ला रहा है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”








