“थारू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक सौंपा, ‘सैफई मॉडल’ और परिवारवाद पर तीखा हमला; 1300 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात“
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शनिवार को लखीमपुर खीरी दौरे के दौरान विकास, अधिकार और सुशासन का बड़ा संदेश दिया। भारत-नेपाल सीमा से सटे पलियाकलां तहसील के चंदनचौकी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने थारू जनजाति के हजारों परिवारों को जमीन का मालिकाना हक सौंपते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रजा सुखे सुखं राज्ञः…” का सिद्धांत ही सच्चे शासन की पहचान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वही सरकार सफल होती है, जहां जनता खुशहाल और संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि शासन की खुशी जनता के कल्याण से जुड़ी होती है और यह तभी संभव है जब सरकार संवेदनशील हो तथा बिना भेदभाव के कार्य करे।
इस अवसर पर सीएम योगी ने पलिया तहसील के 34 गांवों के 4356 थारू परिवारों को करीब 538 हेक्टेयर जमीन के स्वामित्व संबंधी अधिकार पत्र वितरित किए। वर्ष 1976 से इन जमीनों का उपयोग कर रहे परिवारों को पहली बार मालिकाना हक मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। उन्होंने इसे दशकों की प्रतीक्षा का अंत और आत्मसम्मान व आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनमें संवेदनशीलता का अभाव था। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझी सरकारें गरीबों और वंचितों के अधिकारों की अनदेखी करती रहीं। उन्होंने कहा कि “पहले विकास और योजनाएं सिर्फ सैफई तक सीमित रहती थीं, जबकि अब ‘डबल इंजन सरकार’ प्रदेश के हर कोने तक विकास पहुंचा रही है।”
सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था के पुराने हालात का जिक्र करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में माफिया, गुंडागर्दी और कर्फ्यू का माहौल रहता था, जिससे आम जनता भयभीत रहती थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने इन चुनौतियों पर नियंत्रण पाकर विकास का माहौल तैयार किया है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अब जमीन का मालिकाना हक मिलने के बाद किसी भी अधिकारी या दबंग द्वारा थारू परिवारों के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकेगा। यह अधिकार उनके आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य की गारंटी बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 1300 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों को घरों की चाबियां भी सौंपी गईं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपने दौरे की जानकारी साझा करते हुए इसे “सेवा, संवेदना और संकल्प” का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुंचाना है।
इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश सरकार ने जहां विकास योजनाओं की झलक पेश की, वहीं राजनीतिक संदेश भी साफ किया कि आने वाले समय में विकास और सुशासन ही मुख्य मुद्दा रहेगा।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।“
लखनऊ से स्टेट हेड संजीव श्रीवास्तव की रिपोर्ट









