“बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल आते ही कांग्रेस नेता शकील अहमद ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना त्यागपत्र भेजा है। अहमद पहले बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। जानिए इस्तीफे के पीछे की पूरी कहानी और सियासी संकेत।”
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल सामने आते ही राज्य की सियासत में बड़ी हलचल मच गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शकील अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को त्यागपत्र भेजते हुए कहा कि वे अब संगठन की वर्तमान कार्यप्रणाली से असहमत हैं।
सूत्रों के अनुसार, शकील अहमद का यह कदम कांग्रेस की चुनावी रणनीति और नेतृत्व को लेकर असंतोष का संकेत माना जा रहा है। अहमद ने कहा कि पार्टी लगातार जनाधार खो रही है और नेतृत्व जमीनी कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुन रहा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि एग्जिट पोल में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन की आशंका के बाद अहमद का यह कदम संगठन के भीतर असंतोष का इशारा है। बिहार कांग्रेस के कुछ और नेता भी आने वाले दिनों में अपनी स्थिति पर पुनर्विचार कर सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इस्तीफा कांग्रेस के लिए बिहार में बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर तब जब चुनाव परिणाम आने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं।
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