दिल्ली: चिन्मय अमृत महोत्सव का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, बोले- युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत

दिल्ली में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन की शुरुआत, पीएम मोदी ने युवाओं को बताया देश का भविष्य

  • पीएम मोदी का युवाओं पर जोर, कहा- मेरी नीतियों के केंद्र में युवा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने स्वामी चिन्मयानंद के साथ अपनी पुरानी मुलाकात को याद किया और कहा कि पिछले 25 वर्षों से सरकार के मुखिया के रूप में देश की सेवा करने के दौरान गुरुदेव का आशीर्वाद उनके साथ रहा है।

पीएम मोदी ने बताया कि आधुनिक तकनीक के जरिए स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राम को देखना और उनसे बातचीत करना उनके लिए बेहद भावुक अनुभव था। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा, जैसे वह 33 साल पीछे चले गए हों। साल 1993 में वडोदरा में गुरुदेव के साथ हुई मुलाकात, बातचीत और उनके स्नेह की यादें उनके सामने ताजा हो गईं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद के साथ उनकी चर्चा का एक प्रमुख विषय युवा शक्ति को मजबूत बनाना और उसके जरिए सक्षम भारत का निर्माण करना था। उन्होंने बताया कि गुरुदेव से मुलाकात के कुछ साल बाद उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। इसके बाद पिछले 25 वर्षों से उन्होंने सरकार के मुखिया के रूप में अपनी पूरी क्षमता से देश की सेवा की है।

पीएम मोदी ने चिन्मय मिशन को केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक विचार बताया। उन्होंने कहा कि मिशन की यात्रा आध्यात्मिक संकल्पों से जुड़ी रही है और इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को लोगों तक पहुंचाना है।

क्या है चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन?

23 से 25 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत और विदेशों से 9,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। यह आयोजन चिन्मय मिशन की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर साल भर चले कार्यक्रमों का समापन है।

चिन्मय मिशन की स्थापना 1951 में स्वामी चिन्मयानंद ने की थी। इसका उद्देश्य वेदांत और भगवद गीता के ज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाना है। समय के साथ मिशन ने आध्यात्मिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति, युवा सशक्तिकरण और समाज सेवा के क्षेत्र में भी अपने कार्यों का विस्तार किया है।

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