“दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर अयोध्या और हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्म की राजनीति नहीं करती और उन्होंने कभी राम मंदिर निर्माण का विरोध नहीं किया।“
अयोध्या/लखनऊ। दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इसके साथ ही उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद यह पहला मौका है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन किए।
“प्रभु का बुलावा आया तो आ गया”
दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि “जब प्रभु का बुलावा आता है, तो हर व्यक्ति आता है। मुझे बुलावा आया, इसलिए मैं यहां आया।” उन्होंने कहा कि रामलला के दर्शन करके उन्हें बेहद अच्छा लगा।
“हम धर्म की राजनीति नहीं करते”
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी धर्म का उपयोग राजनीति या व्यवसाय के लिए नहीं करती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार धर्म का पालन करता है।
“राम मंदिर का कभी विरोध नहीं किया”
दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी राम मंदिर निर्माण का विरोध नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि मंदिर निर्माण के दौरान उन्होंने चंदा भी दिया था और वे अयोध्या राजनीति करने नहीं आए हैं।
देश में खुशहाली की कामना
रामलला के दर्शन के बाद उन्होंने प्रभु श्रीराम से देश में सुख-शांति, समृद्धि और आपसी सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की।
अयोध्या में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता
गौरतलब है कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में विभिन्न दलों के नेताओं के दौरे लगातार बढ़ रहे हैं। इससे पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
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