भारत–रूस नया ईस्टर्न कॉरिडोर: 40 दिन की जगह 24 दिन में पहुंचेगा सामान

भारत और रूस के बीच नया चेन्नई–व्लादिवोस्तोक ईस्टर्न कॉरिडोर बनने जा रहा है। इससे ट्रांसपोर्ट समय 40 दिन से घटकर 24 दिन होगा और दूरी 5,700 किमी कम हो जाएगी।

नई दिल्ली। भारत से रूस नया कॉरिडोर, लगेगा आधा टाइम

भारत और रूस के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दोनों देशों के बीच नया ईस्टर्न मैरीटाइम कॉरिडोर शुरू करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई है।

वर्तमान में भारत से रूस तक समुद्र मार्ग से सामान पहुंचने में लगभग 40 दिन का समय लगता है। लेकिन चेन्नई से व्लादिवोस्तोक के बीच नया कॉरिडोर चालू होने पर ट्रांसपोर्ट समय घटकर 24 दिन रह जाएगा।

इसके साथ ही भारत–रूस के बीच समुद्री दूरी लगभग 5,700 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि लागत में भी भारी कमी आएगी।

ग्लोबल तनाव, भू-राजनीतिक चुनौतियों और सप्लाई चेन व्यवधानों के बीच इस रूट को भविष्य में सुरक्षित और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की आर्थिक और सामरिक स्थिति को और मजबूत करेगा। यह रूट ऊर्जा व्यापार, खनिज संसाधन, दवाइयों, ऑटो पार्ट्स और अन्य उद्योगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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