“ईरान C-130 विमान दावा: ईरान ने C-130 Hercules अमेरिकी विमान को इस्फहान में मार गिराने का दावा किया। यह विमान लापता पायलट के रेस्क्यू मिशन में शामिल बताया जा रहा है।“
नई दिल्ली/तेहरान। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य मालवाहक विमान C-130 Hercules को मार गिराया है। ईरान के अनुसार यह विमान एक रेस्क्यू मिशन में शामिल था, जिसका उद्देश्य पहले गिराए गए फाइटर जेट के लापता पायलट को तलाशना था।
फार्स न्यूज एजेंसी का दावा
ईरानी मीडिया, विशेष रूप से फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्फहान क्षेत्र में ईरान की विशेष पुलिस कमांडो यूनिट ‘फराज रेंजर्स’ ने इस विमान को निशाना बनाया।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन एक संयुक्त सैन्य कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें एयरोस्पेस, थल सेना, बासिज बल और पुलिस इकाइयों ने भाग लिया।
पहले भी गिराए जाने का किया था दावा
ईरान इससे पहले भी अमेरिकी विमानों को मार गिराने का दावा कर चुका है, जिनमें F-15 Eagle और A-10 Thunderbolt II शामिल हैं।
इन घटनाओं के दौरान एक पायलट के सुरक्षित बच निकलने और दूसरे के लापता होने की बात सामने आई थी। उसी लापता पायलट की तलाश के लिए कथित तौर पर यह रेस्क्यू मिशन चलाया जा रहा था।
ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों के नष्ट होने की पुष्टि
ईरान ने यह भी दावा किया है कि इस अभियान के दौरान दो UH-60 Black Hawk हेलीकॉप्टर भी नष्ट किए गए।
हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने अब तक केवल हेलीकॉप्टरों के नुकसान की आंशिक पुष्टि की है, लेकिन C-130 विमान को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हमले में हताहतों की खबर
ईरानी समाचार एजेंसियों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत में हुए हमले में पांच लोगों के मारे जाने की भी सूचना है। हालांकि इनकी पहचान और स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
इजरायली ड्रोन गिराने का भी दावा
ईरानी सेना ने यह भी कहा है कि इसी क्षेत्र में एक इजरायली ड्रोन को भी मार गिराया गया है, जिससे क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिका की चुप्पी, बढ़ा सस्पेंस
अब तक संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से C-130 विमान गिराए जाने के दावे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दावे अक्सर युद्ध या तनाव की स्थिति में सूचना युद्ध (Information Warfare) का हिस्सा भी हो सकते हैं, इसलिए स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार जरूरी है।
क्षेत्रीय तनाव चरम पर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के संकेत इस घटना से और गहरे हो गए हैं। यदि इन दावों की पुष्टि होती है, तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गंभीर सुरक्षा चुनौती पैदा कर सकता है।
फिलहाल यह मामला दावों और प्रतिदावों के बीच उलझा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब अमेरिका की आधिकारिक प्रतिक्रिया और स्वतंत्र जांच पर टिकी हुई है, जो इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने ला सकती है।
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