“ईरान ने कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, जिससे आग लग गई। मिडिल ईस्ट संकट गहराने से वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजार पर असर की आशंका बढ़ी।“
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट संकट (Middle East Crisis) के बीच हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। ईरान ने शुक्रवार सुबह कुवैत की सबसे अहम तेल रिफाइनरी मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला कर दिया, जिससे कई यूनिट्स में भीषण आग लग गई।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) के मुताबिक, हमले के तुरंत बाद इमरजेंसी टीमों को मौके पर तैनात कर दिया गया और आग बुझाने का काम तेजी से जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी के कई ऑपरेशनल सेक्शन प्रभावित हुए हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ा तनाव
इस हमले को Donald Trump की हालिया चेतावनी और अमेरिका-ईरान तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
वैश्विक तेल बाजार पर असर
मीना अल-अहमदी रिफाइनरी कुवैत का सबसे बड़ा ऑयल प्रोसेसिंग हब है। यहां बड़े पैमाने पर कच्चे तेल को प्रोसेस किया जाता है। ऐसे में इस हमले से इंटरनेशनल ऑयल सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति और बिगड़ी तो इसका असर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
- सऊदी अरब ने ईरान के 5 ड्रोन मार गिराने का दावा किया
- तेल अवीव में सायरन बजाए गए, नागरिकों को सतर्क रहने को कहा गया
- ईरान ने UAE, बहरीन और इजरायल में ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही
आगे क्या?
मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते हमले इस बात का संकेत हैं कि हालात जल्द सामान्य होने वाले नहीं हैं। अगर संघर्ष और बढ़ता है, तो यह वैश्विक ऊर्जा संकट का रूप ले सकता है।
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