“लखनऊ मंडल में 90 हेलीपैड बनाने की योजना में 80 के लिए जमीन चिन्हित। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने समीक्षा बैठक में डिजिटल लाइब्रेरी और जन सेवा केंद्रों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी।“
लखनऊ। लखनऊ मंडल में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंडल के तहसील और विकास खंड मुख्यालयों पर 90 हेलीपैड बनाए जाने की योजना है, जिनमें से 80 स्थानों के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। शेष 10 स्थानों के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया जारी है।
मंगलवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में हेलीपैड परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
डिजिटल योजनाओं की धीमी प्रगति पर सख्ती
बैठक में डिजिटल लाइब्रेरी और जन सेवा केंद्रों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई। खासतौर पर हरदोई, रायबरेली, सीतापुर और उन्नाव में भुगतान लंबित रहने के कारण योजनाएं प्रभावित पाई गईं।
इसके अलावा 31 ग्राम पंचायतों में जन सेवा केंद्र पूरी तरह बंद होने पर अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया गया है।
पंचायत सहायकों की कमी से बाधित कार्य
समीक्षा में यह भी सामने आया कि मंडल में 58 पंचायत सहायकों के पद खाली हैं, जिससे ग्राम स्तर पर प्रशासनिक कार्य और जनसेवाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है।
सबसे ज्यादा रिक्तियां सीतापुर में (32) पाई गईं, जबकि लखनऊ में 12, लखीमपुर खीरी में 10, हरदोई में 2 तथा रायबरेली और उन्नाव में 1-1 पद रिक्त हैं।
निर्देश और आगे की कार्रवाई
मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित नियुक्तियों और विकास योजनाओं में तेजी लाई जाए, ताकि ग्रामीण स्तर पर सेवाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके।
गौरतलब है कि हेलीपैड निर्माण योजना आपातकालीन सेवाओं, वीआईपी मूवमेंट और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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