“लखनऊ मेट्रो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए जमीन आवंटन में देरी पर शासन सख्त। प्रमुख सचिव नगर विकास ने तत्काल जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, अमीनाबाद और चौक की जमीन का होगा उपयोग।“
लखनऊ। लखनऊ में मेट्रो विस्तार परियोजना को लेकर जमीन आवंटन में हो रही देरी पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रमुख सचिव नगर विकास एवं आवास ने अधिकारियों की बैठक बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए जमीन तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
चारबाग-वसंतकुंज कॉरिडोर अटका
चारबाग से वसंतकुंज के बीच प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए जमीन देने का निर्णय 17 नवंबर 2025 की बैठक में लिया गया था। इसके बाद 9 दिसंबर की समीक्षा बैठक में भी निर्देश जारी हुए, लेकिन अब तक संबंधित विभाग जमीन उपलब्ध नहीं करा सके हैं।
नगर निगम की जमीन का होगा उपयोग
बैठक में यह तय किया गया कि अमीनाबाद और चौक क्षेत्र में नगर निगम की जमीन का उपयोग मेट्रो स्टेशन पर जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
नगर निगम को भी निर्देश
तीन दिन पहले नगर आयुक्त गौरव कुमार ने संबंधित अधिकारियों और जलकल विभाग को पत्र लिखकर संशोधित डीपीआर के अनुसार मेट्रो अधिकारियों के साथ समन्वय कर जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। यह जमीन मुफ्त में दी जानी है, जिसका प्रस्ताव नगर निगम सदन में भी लाया जाएगा।
स्टेशन निर्माण के लिए चिन्हित भूखंड
मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने अमीनाबाद से पांडेयगंज के बीच मीना रोड और इजहार ट्रांसपोर्ट के भूखंडों को चिन्हित किया है। यहां मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाने हैं। इसके लिए संबंधित भूखंडों के स्वामित्व, हाउस टैक्स और भू-उपयोग की जानकारी भी मांगी गई है।
गौरतलब है कि जमीन आवंटन में देरी के कारण परियोजना की गति प्रभावित हो रही है। शासन अब इसे प्राथमिकता में लाकर तेजी से आगे बढ़ाने के संकेत दे रहा है।
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