“लखनऊ शिवा शर्मा मौत मामले में DCP सेंट्रल विक्रांत वीर हटाए गए। हजरतगंज SHO के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई, श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपियों पर इनाम 50 हजार रुपये हुआ।“
लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में लखनऊ पुलिस महकमे में कार्रवाई तेज हो गई है। हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किए जाने के बाद अब DCP सेंट्रल विक्रांत वीर को भी उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। वहीं, मामले में नामजद मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश की गिरफ्तारी नहीं होने पर तीनों पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई है।
DCP विक्रांत वीर को मुख्यालय से किया गया संबद्ध
शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस अधिकारियों पर लगातार हो रही कार्रवाई से विभाग में हलचल है। वर्ष 2014 बैच के IPS अधिकारी विक्रांत वीर को लखनऊ कमिश्नरेट में DCP सेंट्रल के पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। इससे पहले हजरतगंज के थाना प्रभारी विक्रम सिंह को भी लाइन हाजिर किया जा चुका है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कारोबारी की मौत को लेकर जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी का मामला चर्चा में है। हालांकि, अधिकारियों को हटाए जाने की कार्रवाई अपने आप में किसी अधिकारी के खिलाफ आरोपों के अंतिम रूप से साबित होने का प्रमाण नहीं है।
तीन आरोपियों पर इनाम बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये
मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश की गिरफ्तारी नहीं होने के बाद पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ा दी है। पहले तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था, जिसे बढ़ाकर अब 50-50 हजार रुपये कर दिया गया है।
शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर को अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। घटना के बाद से ही मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ आरोपियों की तलाश भी इस प्रकरण का प्रमुख पहलू बनी हुई है।
श्रद्धा दुबे ने हत्या के आरोपों को नकारा
मामले की मुख्य आरोपी बताई जा रही श्रद्धा दुबे ने वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगे हत्या के आरोपों को गलत बताया है। मीडिया के सामने दिए गए उसके बयान के मुताबिक, उसने शिवा शर्मा को चौथी मंजिल से खुद कूदते हुए देखा था। श्रद्धा ने दावा किया कि शिवा पर 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज था और वह उसके घर से पांच से छह लाख रुपये के जेवर लेकर गया था।
श्रद्धा ने पुलिस पर अपने फ्लैट की CCTV फुटेज की जांच नहीं करने का आरोप भी लगाया है। उसने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ये सभी दावे श्रद्धा का पक्ष हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
जांच के निष्कर्ष पर टिकी नजरें
शिवा शर्मा की मौत के मामले में एक ओर पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, तो दूसरी ओर तीन आरोपियों की गिरफ्तारी अब भी अहम सवाल बनी हुई है। श्रद्धा दुबे ने जहां घटना को आत्महत्या बताया है, वहीं मामले को लेकर हत्या के आरोप भी सामने आए हैं।
ऐसे में घटना की परिस्थितियों, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल, पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की तलाश के बीच मामले की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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