“पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले CM ममता बनर्जी ने BJP पर बड़ा हमला बोला। रैली में कहा—‘सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं’। पढ़ें पूरी खबर।“
हाइलाइट्स:
- ममता बनर्जी का BJP पर तीखा हमला
- ‘सांप पर भरोसा, BJP पर नहीं’ बयान चर्चा में
- असम चुनाव में बाहरी लोगों को लाने का आरोप
- वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मुद्दा उठाया
- चुनावी माहौल में तेज हुई सियासी बयानबाजी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले के टेंटुलिया में आयोजित एक विशाल चुनावी रैली में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “एक सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर कभी नहीं”, जिससे सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।
रैली में BJP पर तीखे आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए बाहरी लोगों का सहारा लेती है। उन्होंने कहा कि असम चुनाव के दौरान पार्टी ने दूसरे राज्यों से लोगों को बुलाकर चुनावी माहौल प्रभावित करने की कोशिश की।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से हजारों लोगों को ट्रेनों के माध्यम से असम ले जाया गया, क्योंकि भाजपा को स्थानीय मतदाताओं पर भरोसा नहीं था।
केंद्र सरकार और एजेंसियों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश की जांच एजेंसियां अब निष्पक्ष नहीं रहीं और उनका राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है।
ममता ने कहा कि भाजपा ने एजेंसियों को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जिससे विपक्षी दलों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
वोटर लिस्ट विवाद को बनाया मुद्दा
रैली के दौरान ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
- उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में लगभग 90 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए
- इनमें 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम शामिल बताए
- उन्होंने National Register of Citizens का उदाहरण देते हुए कहा कि असम में भी लाखों लोग सूची से बाहर हो गए थे
उन्होंने जनता से अपील की कि वे सतर्क रहें और अपने वोट के अधिकार की रक्षा करें।
TMC vs BJP: बढ़ती सियासी टकराहट
बंगाल में चुनाव नजदीक आते ही All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है।
जहां भाजपा “परिवर्तन” और “डबल इंजन सरकार” के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, वहीं टीएमसी “खेला होबे” के नारे के साथ अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
जनता को दिया संदेश
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में कहा कि बंगाल की जनता समझदार है और वह बाहरी ताकतों को राज्य की एकता और शांति को नुकसान नहीं पहुंचाने देगी। उन्होंने लोगों से भाजपा के “झूठे वादों” से सावधान रहने की अपील की।
ममता बनर्जी के इस तीखे बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गरमा दिया है। चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह सियासी मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने की संभावना है।
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