
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क लखीमपुर खीरी : छोटी काशी के नाम से विख्यात गोला गोकर्णनाथ में चल रहे ऐतिहासिक चैती मेले के दौरान आयोजित ‘जल परी शो’ में महिला सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। भारी भीड़ के बीच महिलाओं और बच्चों को धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ रहा था, वहीं कुछ स्थानों पर छेड़खानी की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई।
बताया जा रहा है कि ‘जल परी शो’ मेले का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। शो में एक महिला कलाकार जलपरी की वेशभूषा में पानी के टैंक में फिल्मी गीतों पर प्रदर्शन करती है। हालांकि, लगभग पांच मिनट के इस कार्यक्रम के दौरान भीड़ अनियंत्रित हो जाती थी, जिससे अव्यवस्था का माहौल बन जाता था। मौके पर महिलाओं, बच्चियों और छोटे बच्चों के लिए कोई अलग व्यवस्था या बैरिकेडिंग नहीं थी, जिसके कारण उन्हें भीड़ में खड़े होकर शो देखना पड़ रहा था। छोटे कद की महिलाओं और बच्चों को शो देखने में भी काफी दिक्कत हो रही थी, जिससे उनमें निराशा देखने को मिली। भीड़ का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं से अभद्रता किए जाने की बातें भी सामने आईं। इसके अलावा, शो स्थल के आसपास पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी भी नहीं थी। इस पूरे मामले को ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ समाचार पत्र ने प्रमुखता से उठाया। विशेष संवाददाता द्वारा की गई पड़ताल में सामने आए तथ्यों के आधार पर खबर प्रकाशित होते ही मेला प्रशासन हरकत में आया और तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाए गए। प्रशासन ने ‘जल परी शो’ संचालक को सख्त निर्देश देते हुए शो स्थल के अंदर महिलाओं के लिए अलग दीर्घा (सीटिंग एरिया) में बैरिकेडिंग कराई। साथ ही, शो के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई, जिससे व्यवस्था में सुधार देखा गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से मेले में आने वाली महिलाओं और बच्चों को राहत मिली है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को उठाने के लिए समाचार पत्र की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहल से ही जनहित से जुड़े मामलों में सुधार संभव है।







