“मिडिल ईस्ट संकट के बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के तेल और खार्ग द्वीप पर कब्जे की बात कही। Iran-Israel war, Kharg Island, uranium issue और global tension पर बड़ा अपडेट।“
तेल अवीव / तेहरान / वॉशिंगटन DC। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रम्प का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि “ईरान का तेल लेना उनकी पसंदीदा चीज” है और अमेरिका इसके लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने साफ कहा कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तें नहीं मानता, तो “उसके पास देश ही नहीं बचेगा।” उनके इस बयान से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
खार्ग द्वीप पर नजर
ट्रम्प ने खार्ग द्वीप का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका इस पर कब्जा करने पर विचार कर सकता है।
यह द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित है और ईरान के लगभग 90% तेल निर्यात का मुख्य केंद्र माना जाता है।
परमाणु और सैन्य विकल्प
ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका ईरान से लगभग 450 किलो समृद्ध यूरेनियम निकालने के लिए सैन्य ऑपरेशन पर विचार कर रहा है, ताकि उसे परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सके। हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
युद्ध के बीच हमले तेज
ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने दक्षिणी इजराइल में मिसाइल हमले किए, जबकि इजराइल ने कई रॉकेट और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
इसके अलावा खाड़ी देशों—सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन—में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी है।
दुनिया की प्रतिक्रिया
एंथनी अल्बनीज सहित कई वैश्विक नेताओं ने अमेरिका से इस युद्ध को लेकर स्पष्ट रणनीति बताने और तनाव कम करने की अपील की है।
वहीं, न्यूजीलैंड ने चेतावनी दी है कि अगर यह युद्ध लंबा चला तो वैश्विक महंगाई बढ़ सकती है।
भारत पर असर
इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय LPG टैंकरों को भारतीय नौसेना की सुरक्षा में भेजा जा रहा है, जो इस संकट के भारत पर संभावित असर को दर्शाता है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”
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