“UP Politics में पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव के दादरी भाषण पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा पर झूठ, भ्रम और समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दादरी में दिए गए भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का पूरा भाषण “झूठ, भ्रम, हताशा और समाज को बांटने की राजनीति” से भरा हुआ था। पंकज चौधरी ने दावा किया कि प्रदेश की जनता ने 2017 में सपा के शासन को नकार दिया था और 2027 में भी भाजपा को ही चुनेगी।
PDA पर भी साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि PDA के नाम पर अखिलेश यादव सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि “राजनीतिक धोखे का पैकेज” बेच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने अपने शासनकाल में गरीब, पिछड़े, दलित और युवाओं को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया।
जेवर एयरपोर्ट पर सियासत
पंकज चौधरी ने कहा कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का श्रेय समाजवादी पार्टी लेने की कोशिश कर रही है, जबकि यह परियोजना नरेंद्र मोदी के विजन और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का परिणाम है।
उनका कहना था कि भाजपा सरकार योजनाओं को जमीन पर उतारती है, जबकि सपा केवल “फाइलों में सपने” दिखाती रही।
कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा
सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर को जनता “गुंडाराज, दंगों और अपराध” के रूप में याद करती है। इसके उलट भाजपा सरकार ने मिशन शक्ति, महिला हेल्पलाइन और सख्त कानून व्यवस्था के जरिए महिलाओं को सुरक्षित माहौल दिया है।
रोजगार और पेपर लीक पर पलटवार
रोजगार के मुद्दे पर पंकज चौधरी ने कहा कि सपा सरकार में भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से प्रभावित थीं। भाजपा सरकार ने निवेश, स्टार्टअप, एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरिडोर और डिजिटल इकोनॉमी के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं।
संविधान और सामाजिक समरसता पर बयान
डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाया है। उन्होंने सपा पर “संविधान बदलने का झूठा भय फैलाने” का आरोप लगाया।
‘समाज जोड़ने बनाम तोड़ने’ की राजनीति
अंत में पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर काम करती है, जबकि सपा समाज को जातीय आधार पर बांटने की राजनीति करती है।
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