इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता शुरू, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पहुंचे पाकिस्तान

युद्धविराम की उम्मीद के बीच वैश्विक नजरें टिकीं; ईरानी प्रतिनिधिमंडल से अहम बातचीत, ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ सहयोगी भी शामिल

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance पाकिस्तान पहुंचे, जहां ईरान के साथ शांति वार्ता होगी। इस्लामाबाद में US-Iran Talks से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद।

इस्लामाबाद। पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे, जहां वे ईरान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ शांति वार्ता में हिस्सा लेंगे। इस वार्ता को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद अहम माना जा रहा है और पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं।

नूर खान एयरबेस पर वेंस का स्वागत पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने किया। इस मौके पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक महत्व को दर्शाते हुए विशेष प्रोटोकॉल का पालन किया गया।

इस वार्ता में ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ है। बताया जा रहा है कि यह बातचीत हालिया तनाव और संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।

वेंस के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर भी इस महत्वपूर्ण मिशन का हिस्सा हैं। रवाना होने से पहले वेंस ने वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि यदि ईरान ईमानदारी से बातचीत करता है, तो अमेरिका सहयोग के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की रणनीतिक चालबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा करते हुए कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच यह वार्ता इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी। उन्होंने इस पहल को शांति स्थापना की दिशा में बड़ा कदम बताया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वार्ता सफल रहती है, तो न केवल अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिरता और शांति की नई संभावनाएं भी खुल सकती हैं। वहीं, असफलता की स्थिति में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका भी बनी रहेगी।

अब देखना यह होगा कि इस उच्चस्तरीय कूटनीतिक प्रयास से क्या ठोस परिणाम निकलते हैं और क्या यह पहल लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने में सफल हो पाती है या नहीं।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button