कर्मियों के हित के लिए नरमू की कुर्बानियों का है लंबा इतिहास

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज नेटवर्क।

शाहजहांपुर। रेलवे कर्मचारियों के अलावा शहीदों को नमन करने के लिए नरमू के पदाधिकारियों ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि नरमू कार्यकर्ताओं ने अपने लोगों के हकों के लिए जान दी है। नरमू के कार्यकर्ताओं के लिए कुर्बानी का लंबा इतिहास है।


टीवीनरमू के सहायक मंडल मंत्री नरेंद्र कुमार त्यागी ने कहा कि 19 सितंबर 1968 में रेल कर्मचारियों की हड़ताल में शहीद हुए एनआरएमयू से जुड़े रेल कर्मियों की शहादत की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब हमारे हाथों में है। उन्होंने बताया कि 1968 में हड़ताल काम के घंटे निर्धारित करने, कर्मचारियों को रेलवे पास दिलाने व केंद्र सरकार ने द्वितीय केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा अनुशंसित डीए फार्मूले को स्वीकार करने से इंकार करने के बाद शुरू हुई थी। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए आंदोलन शुरू हुआ था, जिसमें कई कर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। 100 वर्षो से संगठन कर्मियों के हित के लिए संघर्ष कर रहा है। इस मौके पर शिव गोपाल मिश्रा,

राजेश चोबे, रामोतार शर्मा, शिव कुमार सक्सेना, जितेंद्र कुमार, जयपाल सिंह, मोहम्मद अशरफ, सलीम, त्रिलोक चंद आदि मौजूद रहे। 

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