POCSO केस येदियुरप्पा: सीक्रेट वीडियो–CCTV से घिरे पूर्व CM आज कोर्ट में होंगे पेश, क्या होगी गिरफ्तारी?

POCSO केस येदियुरप्पा में सीक्रेट वीडियो, CCTV फुटेज और 750 पन्नों की चार्जशीट सामने आई है। पूर्व CM के खिलाफ छेड़छाड़, सबूत नष्ट करने और केस दबाने के आरोप हैं। आज बेंगलुरु कोर्ट में पेशी है। पढ़िए पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

बेंगलुरु। POCSO केस येदियुरप्पा पिछले एक साल से कर्नाटक की राजनीति और न्यायपालिका के केंद्र में बना हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा पर 17 वर्षीय रेप विक्टिम लड़की से छेड़छाड़, केस कमजोर करने और डिजिटल सबूत नष्ट कराने जैसे गंभीर आरोप हैं। CID की जांच के बाद अब मामला ट्रायल कोर्ट पहुंच चुका है और आज चारों आरोपियों की कोर्ट में पेशी है।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और BJP नेता बीएस येदियुरप्पा पर लगे यौन शोषण और POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामले में आज बेंगलुरु की अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। CID ने अपनी जांच में सीक्रेट वीडियो, CCTV फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड, कैश ट्रांजैक्शन और 750 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की है, जिसमें पूर्व CM के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज हैं।

क्या हुआ था 2 फरवरी 2024 को?

चार्जशीट के अनुसार पीड़िता और उसकी मां रेप केस में मदद मांगने के लिए येदियुरप्पा के डॉलर कॉलोनी स्थित घर पहुंचीं। आरोप है कि पूर्व CM लड़की को अलग कमरे में ले गए और छेड़छाड़ की कोशिश की। बच्ची डरी-सहमी बाहर आई और मां को पूरी बात बताई। बाद में महिला ने इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया।

शिकायतकर्ता महिला की मौत और डिजिटल सबूत

  • 26 मई 2024 को शिकायतकर्ता महिला की कैंसर से मौत
  • बेटा अब केस लड़ रहा है
  • CID को मोबाइल, हार्ड डिस्क, सीक्रेट वीडियो, CCTV सब सौंपे
  • ‘Need4justice’ पेज बनाकर इंसाफ की मुहिम

CID के सबूत (चार्जशीट के आधार पर)

  • घटना के दिन रिकॉर्ड किया गया सीक्रेट वीडियो
  • घर के बाहर का CCTV फुटेज
  • पीड़ित परिवार को allegedly दिए गए 35,000 रुपये, एक बैग और दो फोन
  • IPC 204, 214 और POCSO एक्ट की धाराएं

जांच अधिकारियों के अनुसार ये सबूत घटनाक्रम की पुष्टि करते हैं और आरोपियों की भूमिका को दर्शाते हैं।

येदियुरप्पा की सफाई

पूर्व CM ने सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उनका कहना है कि—

  • वे सिर्फ मदद करने की कोशिश कर रहे थे
  • महिला मानसिक रूप से तनाव में थी
  • उन्होंने पुलिस कमिश्नर से बात भी करवाई थी

उनके वकील का दावा है कि—

  • महिला “हैबिचुअल कंप्लेनर” थी
  • उसने पहले भी कई अधिकारियों और नेताओं पर आरोप लगाए थे
  • सबूत झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं

पीड़ित पक्ष का तर्क

सरकारी वकील के अनुसार—
“चार्जशीट मजबूत है, सबूत स्पष्ट हैं और ट्रायल कोर्ट ने सही आधार पर संज्ञान लिया है। FIR रद्द करने की कोई गुंजाइश नहीं है।”

क्या होगी गिरफ्तारी? विशेषज्ञों की राय

  • हाईकोर्ट ने आरोपी की उम्र और सामाजिक स्थिति देखते हुए गिरफ्तारी पर स्टे दिया था
  • अभी तक कोई “प्रत्यक्ष छेड़छाड़ का सबूत” सामने नहीं
  • लेकिन वीडियो–CCTV और कैश एंगल कोर्ट में अहम साबित हो सकता है
  • राजनीतिक दबाव और सोशल मीडिया अभियान मामले को संवेदनशील बना रहे हैं

विशेषज्ञों के अनुसार आज की पेशी में गिरफ्तारी की संभावना कम, लेकिन ट्रायल आगे कड़ा और निर्णायक हो सकता है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस:

“निर्भया, हाथरस की तरह लड़ेंगे। BJP अपने नेताओं को बचा रही है।”

BJP:

“आरोप झूठे, राजनीति से प्रेरित। सच कोर्ट में सामने आएगा।”

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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