रंग निलयम फाउंडेशन संस्थान ने मोहन राकेश के नाटक ‘आधे-अधूरे’ का किया भव्य मंचन, दर्शकों ने की सराहना

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क लखीमपुर : सांस्कृतिक उन्नयन और रंगमंचीय अभिव्यक्ति को समर्पित रंग निलयम फाउंडेशन संस्थान ने 16 दिसम्बर 2025 को गोला गोकर्णनाथ के साईं मैरिज लॉन में हिंदी नाट्य-जगत की बेहतरीन कृतियों में शुमार मोहन राकेश के प्रसिद्ध नाटक ‘आधे-अधूरे’ का प्रभावशाली मंचन प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम न केवल कला-प्रेमियों के लिए बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अनुभव बनकर उभरा। साहित्यिक दृष्टिकोण से ‘आधे-अधूरे’ आधुनिकतावादी हिंदी नाटक का मील का पत्थर है। यह नाटक एक ऐसे मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी कहता है, जो टूटते रिश्तों, आर्थिक दबाव, असंतोष और पहचान की तलाश के बीच संघर्ष कर रहा है। नाटक की केंद्र में है सावित्री, जो स्वयं को और अपने परिवार को पूर्णता की ओर ले जाने का प्रयास करती है, लेकिन परिस्थितियाँ उसे बार-बार अपूर्णता और विखंडन का अहसास कराती हैं। नाटक में पुरुष पात्रों का एक ही अभिनेता द्वारा निभाया जाना प्रतीकात्मक रूप से इस बात को दर्शाता है कि परिस्थितियाँ भले बदलें, पर समस्याएँ और अपेक्षाएँ अक्सर एक सी ही रहती हैं। नाटक आज भी उतना ही जीवंत और प्रासंगिक है क्योंकि यह आधुनिक परिवारों के संबंधों, मनोविज्ञान और सामाजिक दबावों को नग्न रूप में प्रस्तुत करता है। रंग निलयम फाउंडेशन संस्थान के प्रबंधक एवं सचिव श्री नितेश पांडेय ने बताया कि संस्था लंबे समय से क्षेत्र में नाट्यकला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का कार्य करती आ रही है। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य लक्ष्य—

स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना, समाज में रंगमंचीय चेतना का विस्तार करना, और हिंदी साहित्य की उत्कृष्ट कृतियों को जन-जन तक पहुँचाना है।

श्री नितेश पांडेय ने आगे कहा कि संस्था भविष्य में भी ऐसे ही सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व के कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी तथा नई पीढ़ी को कला और संस्कृति से जोड़ने का निरंतर प्रयास जारी रखेगी।

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