यूपी आने वाले हैं ओवैसी: महाराष्ट्र-बिहार की जीत के बाद मुस्लिम वोट बैंक पर बड़ी सियासी चाल

महाराष्ट्र और बिहार में चुनावी सफलता के बाद असदुद्दीन ओवैसी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में एंट्री की तैयारी में हैं। AIMIM के यूपी दौरे से मुस्लिम वोट बैंक का समीकरण बदल सकता है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

हाइलाइट्स :

• महाराष्ट्र और बिहार की जीत से ओवैसी का आत्मविश्वास चरम पर
• जनवरी के आखिर में यूपी दौरे की तैयारी
• AIMIM यूपी में 200 सीटों पर लड़ने का दावा
• मुस्लिम वोट बैंक में सेंध से सपा-कांग्रेस-बसपा में बेचैनी
• महाराष्ट्र निकाय चुनाव में 125 से अधिक सीटों का दावा

अभयानंद शुक्ल
कार्यकारी संपादक

लखनऊ। महाराष्ट्र और बिहार में मिली चुनावी सफलता के बाद अब असदुद्दीन ओवैसी की नजर देश के सबसे बड़े सियासी सूबे उत्तर प्रदेश पर टिक गई है। माना जा रहा है कि जनवरी के आखिर में AIMIM प्रमुख ओवैसी यूपी के दौरे पर आ सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है।

उत्तर प्रदेश में करीब 19 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम वोट बैंक है, जिस पर अब तक समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी का वर्चस्व माना जाता रहा है। लेकिन ओवैसी की बढ़ती सक्रियता ने इन दलों की चिंता बढ़ा दी है।

महाराष्ट्र की जीत बना टर्निंग प्वाइंट

महाराष्ट्र निकाय चुनावों में AIMIM को 125 से अधिक वार्डों में जीत का दावा है। इसके साथ ही पार्टी ने 29 में से 13 नगर निगमों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है
खासतौर पर संभाजीनगर, मालेगांव, नांदेड़ और चंद्रपुर जैसे शहरी मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी की पार्टी को जबरदस्त समर्थन मिला।

संभाजीनगर में AIMIM 33 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि मालेगांव में 20 सीटें जीतकर किंगमेकर की भूमिका में पहुंच गई है।

बिहार से शुरू हुआ यूपी का रोडमैप

बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद ओवैसी ने साफ संकेत दे दिया था कि वे यूपी में पूरी ताकत झोंकेंगे।
AIMIM के यूपी प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि पार्टी उत्तर प्रदेश में 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी

पार्टी के प्रदेश महासचिव मोहम्मद सलमान के मुताबिक,

“बैरिस्टर साहब बिहार की जीत के बाद से ही यूपी को लेकर होमवर्क में जुटे हैं। इस महीने के आखिर में वे यूपी दौरे पर आ सकते हैं।”

सपा-कांग्रेस-बसपा के लिए खतरे की घंटी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी की एंट्री से
• समाजवादी पार्टी
• कांग्रेस
• बहुजन समाज पार्टी

के मुस्लिम वोट बैंक में सीधी सेंध लग सकती है।
महाराष्ट्र में सपा नेता अबू आजमी भी अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में AIMIM को रोक नहीं पाए, जो यूपी के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

क्या यूपी में बदलेगा मुस्लिम वोटों का समीकरण?

ओवैसी की रणनीति साफ है—
शहरी मुस्लिम-दलित इलाकों में मजबूत पकड़ बनाना और खुद को मुख्यधारा की पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश करना।

अगर AIMIM यूपी में सक्रिय रूप से मैदान में उतरती है, तो आने वाले विधानसभा चुनावों में मुस्लिम मतों का बिखराव तय माना जा रहा है, जिसका सीधा असर सत्ता की राजनीति पर पड़ेगा।

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