Budget 2026 LIVE Updates: लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए पहले 15 मिनट में 5 बड़ी घोषणाएं कीं। बनारस से पटना समेत कई क्षेत्रों को मिली अहम सौगात।
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करना शुरू कर दिया। बतौर वित्त मंत्री यह उनका लगातार नौवां बजट है। बजट भाषण के शुरुआती 15 मिनट में ही सरकार ने विकास, निवेश और औद्योगिक विस्तार से जुड़ी 5 बड़ी घोषणाएं कर दीं, जिससे संसद के साथ-साथ देशभर की नजरें बजट पर टिक गईं।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि सरकार के बीते कदमों से देश की आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत के आसपास बनी रही है और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है।
कैपिटल एक्सपेंडिचर में बड़ी बढ़ोतरी
बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन और निजी निवेश को गति मिलेगी। इसके तहत सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पर फोकस
सरकार ने विनिर्माण, रणनीतिक व सीमावर्ती क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाएं और उन्नत तकनीक समेत 6 प्रमुख सेक्टरों में सरकारी हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की गई है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
केमिकल क्लस्टर और रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि देश में 3 समर्पित केमिकल क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 5 राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल के लिए डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत बनाना और रणनीतिक संसाधनों में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।
विकसित भारत का रोडमैप
निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने सरकार के तीन कर्तव्य और छह फोकस एरिया गिनाते हुए बताया कि सुधारों, निवेश और समावेशी विकास के जरिए भारत को वैश्विक बाजारों से और अधिक जोड़ा जाएगा। वर्ष 2025 में 350 से अधिक सुधारों को लागू किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
बनारस से पटना तक सौगात की उम्मीद
बजट की शुरुआती घोषणाओं से संकेत मिले हैं कि पूर्वी भारत, विशेषकर बनारस और पटना जैसे क्षेत्रों को इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और औद्योगिक परियोजनाओं के रूप में बड़ी सौगात मिल सकती है। आने वाले हिस्सों में रेलवे, सड़क और शहरी विकास से जुड़े एलानों पर सबकी नजर बनी हुई है।









